कोलकाता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने आखिरकार भाजपा की रथ यात्राओं को अनुमति दे दी। गुरुवार को न्यायमूर्ति तपोव्रत चक्रवर्ती ने राज्य सरकार और भाजपा का पक्ष सुनने के बाद रथ यात्राओं को सशर्त अनुमति दी है। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि भाजपा को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी यात्रा से किसी को परेशानी न हो। किसी भी तरह की कोई अशांति या दुर्घटना होती है तो उसके लिए पुलिस के साथ-साथ भाजपा भी जिम्मेदार होगी।
न्यायमूर्ति ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण तरीके से रथयात्रा निकालनी होगी। कोर्ट ने राज्य सरकार को यह निर्देश दिया है कि भाजपा की रथ यात्राओं को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए। न्यायाधीश ने कहा कि एक जिले से दूसरे जिले में रथ यात्राओं के प्रवेश से 12 घंटा पहले पुलिस को सूचना देनी होगी। रथ यात्राओं के समय साधारण लोगों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो, इसका भी ध्यान रखना होगा। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भाजपा में खुशी का माहौल है। प्रदेश भाजपा के प्रभारी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि हाईकोर्ट का निर्देश ममता बनर्जी की तानाशाही रवैया पर करारा तमाचा है। राज्य सरकार सत्ता बल का इस्तेमाल कर भाजपा के लोकतंत्रीय अधिकार को खत्म करने की कोशिश कर रही थी।
न्यायालय ने राज्य सरकार की कोशिश को विफल कर दिया है। भाजपा पहले से कहती रही है कि शांतिपूर्वक तरीके से रथ यात्राएं होंगी। अब न्यायालय का निर्देश भी वही आया है। अगर राज्य सरकार चाहती तो पहले भी इस तरह की शर्त के साथ अनुमति दी जा सकती थी। भाजपा के उत्थान से डरी हुई राज्य सरकार रथ यात्राओं को रोकने में जुटी हुई थी। भाजपा ने कहा कि पहली रथ यात्रा 22 दिसंबर को कूचबिहार से, दूसरी रथ यात्रा 24 दिसंबर को गंगासागर से और तीसरी रथ यात्रा 26 दिसंबर को बीरभूम जिले के तारापीठ से निकाली जाएगी। इसका उद्घाटन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कर सकते हैं। हालांकि इस बारे में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
