कोलकाता। सारदा व रोजवैली चिटफंड घोटाला मामले में साक्ष्यों को मिटाने के आरोपित कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के खिलाफ सीबीआई कार्रवाई को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरने पर बैठ गई हैं।
कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट में स्थित पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के घर सीबीआई की टीम पहुंचने की सूचना मिलने के तुरंत बाद ममता बनर्जी भी पुलिस आयुक्त के घर पहुंच गई थी। उसके थोड़ी देर बाद पुलिस महानिदेशक विरेंद्र कुमार भी पहुंचे, ममता के साथ ही एडीजी कानून-व्यवस्था अनुज शर्मा भी आए थे। थोड़ी देर बाद डीसी डी डी वन विनीत गोयल भी पहुंच गए और राजीव कुमार की उपस्थिति में वहां उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसके बाद बाहर निकली ममता बनर्जी ने मीडिया से बात की।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को सीबीआई को निर्देशित करने का आरोप लगाया है और दावा किया कि बंगाल को बदनाम करने और मुझे परेशान करने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान को पूरी तरह से खत्म कर रही है और इसके खिलाफ वह धरना देंगी। इसके बाद वह मेट्रो चैनल के पास जाकर धरने पर बैठ गई हैं। खबर लिखे जाने तक ममता बनर्जी धरने पर ही बैठी हुई थीं। उनके साथ कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार, पुलिस महानिदेशक विरेंद्र कुमार, राज्य के कानून व्यवस्था के एडीजी अनुज शर्मा, राज्य सुरक्षा सलाहकार सुरजीत कर पुरकायस्थ और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। इसके साथ ही तृणमूल के शीर्ष नेतृत्व भी ममता बनर्जी के साथ धरना में शामिल हो गए हैं। कोलकाता पुलिस आयुक्त के आवास के पास मीडिया से बात करते हुए ममता ने कहा, ” इस कार्रवाई को लेकर मुझे पीड़ा हो रही है। मोदी और शाह जिस तरह से बंगाल पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहे हैं वह अजीब है। मैंने यूूनाइटेड इंडिया रैली की इसीलिए मुझे निशाना बनाया जा रहा है।” ममता ने कहा “जब मैंने 19 जनवरी को महा विपक्षी रैली की थी तब केंद्र की सरकार में शामिल मंत्रियों ने सीबीआई अधिकारियों को बुलाकर कहा था कि आप लोग क्या कर रहे हैं। कुछ करिए ।उसमें सीबीआई के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव भी शामिल थे।”
ममता ने कहा, “आपने पीएम का भाषण देखा है। वह जिस भाषा का इस्तेमाल करते हैं वह प्रधानमंत्री का नहीं है। उन्होंने कल ही धमकी दी थी कि सीबीआई का इस्तेमाल किया जाएगा।
ममता ने कहा, ‘2019 – बीजेपी खत्म’। उनकी एक्सपायरी डेट आ गई है। उन्हें चुनाव में जनादेश से जीतना है, न कि बल से।
सीएम ने कहा, “यह हमारी सरकार थी जिसने एसआईटी का गठन किया, जिसने चिट फंड के मालिक को गिरफ्तार किया। चिट फंड के खिलाफ कार्रवाई हमारे शासन के दौरान शुरू हुई।”
ममता ने कहा, “जब भी कोई चुनाव होता है, वे चिट फंड के मुद्दे को उछालना शुरू कर देते हैं। मोदी-शाह स्क्रिप्ट लिख रहे हैं और डोभाल सीबीआई के माध्यम से इसे लागू कर रहे हैं। कोलकाता पुलिस कमिश्नर दुनिया में सबसे अच्छे लोगों में से हैं। बिना वारंट के सीबीआई कोलकाता सीपी के आवास पर कैसे आ सकती है? यह एक संवैधानिक टूट है। वे एक समानांतर प्रशासन चला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि, “मैं सभी विपक्षी दलों से अपील करता हूं कि मोदी को सत्ता से बाहर करने के लिए एकजुट होकर काम करें। मोदी हटाओ, देश बचाओ।
ममता ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि “राज्यपाल के कार्यालय भाजपा की शाखा कार्यालय बन गए हैं। देश में स्थिति एक सुपर-इमरजेंसी जैसी है। मैंने संविधान को बचाने के लिए, लोकतंत्र को बचाने के लिए, संघीय ढांचे को बचाने के लिए धरने पर बैठने का फैसला किया है।”
इस दौरान ममता ने संभावित केंद्रीय बलों की कार्रवाई के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में पूरे पुलिस फोर्स को एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मैं बीएसएफ, सीआरपीएफ और सभी अर्धसैनिक बलों समेत पुलिस फोर्स को एकजुट रहने का आह्वान कर रही हूं। आप लोग एक रहिए। किसी भी तरह की कार्रवाई का जवाब दीजिए।
