कोलकाता में फर्जी तरीके से टीकाकरण कैंप आयोजित करने वाले फर्जी आईएएस देबांजन देब के मामले की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने करना शुरू किया है।
अब ईडी पूरी मामले की जांच कर रही है। ईडी के अधिकारियों ने कोलकाता पुलिस से जानना चाहा है कि देबांजन देब के खिलाफ अब तक कितनी एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। लालबाजार से एफआईआर की सभी कॉपी मांगी गई है। वित्तीय लेनदेन की जानकारी भी मांगी गई है।
पूछताछ में पता चला है कि उसने फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों का हेरफेर किया है। कोलकाता पुलिस के संयुक्त आयुक्त मुरलीधर शर्मा ने बताया कि उसके पास काम करने वाले 12 लोगों से पूछताछ की गई है। सभी ने बताया है कि नौकरी के नाम पर देब ने सभी से रुपये लिए थे और बाद में अपने पास ही नौकरी पर रख लिया था।
