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आतंकी मसूद अजहर पर चीन का रवैया निराशाजनक : भारत

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नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर चीन द्वारा वीटो लगाए जाने को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम निराश हैं, लेकिन मसूद अजहर के मामले में सभी उपलब्ध विकल्पों पर आगे भी काम करते रहेंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भारतीय नागरिकों पर हुए हमलों में शामिल आतंकियों को न्याय के कठघरे में खड़ा किया जा सके।”

विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव रद्द होने के बाद कहा कि हमारी लड़ाई जारी रहेगी। मसूद अजहर भारत में हुए कई आतंकी हमलों में शामिल रहा है। उसे आतंकी घोषित करने तक हम हर संभव रास्ता अपनाएंगे।
मंत्रालय ने कहा कि हम उन सभी देशों के आभारी हैं जिन्होंने मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने की कवायद में अपना पूरा समर्थन हमें दिया है।

उल्लेखनीय है कि अजहर को यूएनएससी की 1267 प्रतिबंध समिति के तहत प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका की ओर से 27 फरवरी को रखा गया था। यह प्रस्तवार चीन द्वारा वीटो का इस्तेमाल करने के कारण पारित नहीं हो सका।

यूएनएससी के सदस्य देशों की संख्या 15 है। इसमें पांच देश- अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, रूस और चीन स्थायी सदस्य हैं। स्थायी सदस्यों को वीटो का अधिकार होता है। यह चौथी बार है जब चीन ने अड़ंगा लगाकर मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित होने से बचा लिया है।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के काफिले पर 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। इसकी जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी जिसका सरगना मसूद है।

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