हावड़ा लोकसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार

बंगाल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की हावड़ा लोकसभा सीट पर मुकाबला त्रिकोणिय नजर आ रहा है। हावड़ा लोकसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रवासी रहते हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड से आकर बसे हिंदी भाषी निर्णायक भूमिका में हैं। जूट मिल और छोटे-बड़े कारोबार का गढ़ होने की वजह से यहां अमूमन मध्यम वर्ग के लोग रहते हैं। यहां से तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर प्रसून बनर्जी पर भरोसा जताया है। उनके खिलाफ भाजपा ने रंतिदेव सेनगुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। जबकि माकपा की ओर से सुमित्रा अधिकारी मैदान में हैं। कांग्रेस ने फिलहाल इस सीट पर किसी भी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।

घूम-घूमकर कर रहे हैं प्रचार 

उम्मीदवार के तौर पर नामों की घोषणा होने के बाद इन पार्टियों के नेता अपने-अपने समर्थन में इलाके में घूम-घूमकर प्रचार कर रहे हैं। लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रसून बनर्जी ने इलाके में ढोल बजाकर चुनाव प्रचार किया है। दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा पाठ करने के बाद गुरुवार को उन्होंने चुनाव प्रचार की शुरुआत की। उनके साथ मंत्री अरूप विश्वास और विधायिका वैशाली डालमिया भी मौजूद रहे। शुक्रवार को भी उन्होंने इलाके के विभिन्न क्षेत्रों में घूमकर लोगों से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की है। भाजपा उम्मीदवार रंतिदेव सेनगुप्ता ने भी लोगों से मतदान की अपील करने में देर नहीं लगाई। माकपा उम्मीदवार सुमित्रा अधिकारी भी इलाके के लोगों के बीच पहुंचकर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रही हैं।

उम्मीदवारों की राह नहीं होगी आसान

लेकिन इस बार के समीकरण बताते हैं कि हावड़ा से किसी भी उम्मीदवार की राह आसान नहीं होगी। साल 2014 में यहां से प्रसून बनर्जी ने जीत दर्ज की थी। इस बार परिस्थिति अलग है। इस बार यहाँ की जनता के बीच विगत पांच साल में भाजपा को लेकर दिलचस्पी बढ़ी है। पाकिस्तान के खिलाफ एयर स्ट्राइक और मोदी सरकार द्वारा किए गए अन्य कार्यों के प्रति लोग संतुष्ट हैं। भाजपा के पक्ष में मतदान का मन बना चुके हैं। वैसे भी रंतिदेव अमूमन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल आदि हिंदूवादी संगठनों के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं। हावड़ा इन संगठनों का गढ़ रहा है और समय-समय पर तमाम तरह के कार्यक्रम यहां होते रहते हैं।

भाजपा का एक ही काम है, किसी भी तरह से हिंसा फैलाना और जीत दर्ज करना – प्रसून बनर्जी

अपनी जीत के बारे में आश्वस्त प्रसून बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा का एक ही काम है, किसी भी तरह से हिंसा फैलाना और जीत दर्ज करना। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाल का विकास किया है। हावड़ा जिले में भी विकास के काफी काम हुए हैं और उसी के आधार पर यहां की जनता मुझे एक बार फिर चुनेगी।

मुझे मिला हरेक वोट पीएम मोदी के हाथ मजबूत करेगा -रंतिदेव

भाजपा उम्मीदवार रंतिदेव सेनगुप्ता ने कहा कि विगत आठ साल में तृणमूल की सरकार ने बंगाल के विकास के लिए कुछ नहीं किया। अल्पसंख्यक घुसपैठ और तुष्टीकरण की वजह से बंगाल के मूल निवासियों को ममता बनर्जी की सरकार ने बंगाल में दोहरे दर्जे का नागरिक बना दिया है। लोग त्रस्त हैं और हावड़ा जिले में निश्चित तौर पर इस बार लोग भाजपा के पक्ष में मतदान करेंगे।
रंतिदेव ने कहा कि मुझे मिला हरेक वोट पीएम मोदी के हाथ मजबूत करेगा। देश की सुरक्षा व अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए भाजपा के हाथ मजबूत करें।

भाजपा और तृणमूल कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू – सुमित्रा अधिकारी

माकपा उम्मीदवार सुमित्रा अधिकारी ने कहा कि भाजपा और तृणमूल कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। लोग इसे भलीभांति समझते हैं। दोनों को केवल राजनीति करनी है और लोगों के विकास अथवा सुविधाओं से कोई लेना-देना नहीं है। दोनों में से किसी भी पार्टी के पक्ष में यहां की जनता मतदान नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि वह घर-घर जा रही हैं और लोगों को यही बात समझा रही हैं।

2014 का जनादेश

वर्ष 2014 के चुनाव में यहां से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार प्रसून बनर्जी ने जीत दर्ज की थी। यहां 74.77 फीसदी मतदान हुए थे, जिसमें से उन्हें अकेले 43.40 फीसदी (488461) वोट मिले थे। हालांकि 2009 की तुलना में तृणमूल के वोट प्रतिशत में 4.63 फीसदी की कमी आई थी। माकपा के उम्मीदवार श्रीदेव भट्टाचार्य यहां दूसरे नंबर पर रहे थे। उन्हें 25.90 फीसदी (291505) वोट मिले थे। हालांकि 2009 की तुलना में उनके वोट में भी 18.27 फीसदी की कमी आई थी। तीसरे नंबर पर भाजपा के उम्मीदवार जॉर्ज बेकर रहे थे। उन्हें 248120 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का 22.04 फीसदी था। 2009 की तुलना में भाजपा के वोट में 18.25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। चौथे नंबर पर यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार मनोज कुमार पांडे रहे थे। उन्हें 63254 वोट मिले थे, जो कुल मतदान का केवल 5.625 फीसदी था। यहां से बहुजन समाजवादी पार्टी ने भी शिवचंद्र राम को उतारा था, जिनकी जमानत जब्त हो गई थी। इस तरीके से 2014 में भाजपा के मत प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई थी। उसके बाद अंदाजा लगाया जा रहा है कि 2019 में यह और अधिक बढ़ सकता है।

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