रायगंज लोकसभा सीट से मुश्किल होगी मोहम्मद सलीम की राह

बंगाल

कोलकाता। 2019 का लोकसभा चुनाव अगर कहीं सबसे अधिक दिलचस्प होना है तो वह है पश्चिम बंगाल। एक ओर सत्तारूढ़ तृणमूल ने ४२ की ४२ सीटों पर जीत दर्ज करने के लिहाज से प्रचार-प्रसार शुरू किया है तो भाजपा ने राज्य में अधिक से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करने की रणनीति बनाई है। राज्य की 42 लोकसभा सीटों में से उत्तर दिनाजपुर की रायगंज लोकसभा सीट और अधिक दिलचस्प है जहाँ दूसरे चरण में 18 अप्रैल को वोट होंगे।

यहां से वर्तमान में माकपा के मोहम्मद सलीम सांसद हैं जिन्होने कांग्रेस उम्मीदवार दीपा दासमुंशी को हराया था। सलीम को अपनी प्रतिद्वंद्वी दीपा दासमुंशी के खिलाफ 317,515 वोट मिले। दीपा दासमुंशी को 315881 वोट मिले थे। यानी 2014 में दोनों के बीच कांटे की टक्कर हुई थी और इस बार भी होने के आसार हैं। दीपा दास मुंशी २००९ में क्षेत्र से जीत दर्ज कर चुकी हैं।

इसके अलावा सत्तारूढ़ तृणमूल ने यहां से कन्हैया लाल अग्रवाल को टिकट दिया है। भाजपा ने देबश्री चौधरी को उम्मीदवार बनाया है, जिन्होंने यहां सत्तारूढ़ तृणमूल के खिलाफ जमकर लड़ाई की है। ऐसे में यहां मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। माकपा और कांग्रेस के मुकाबले के अलावा सत्तारूढ़ तृणमूल के भी मतदाता कन्हैया लाल अग्रवाल के पक्ष में मतदान करेंगे और समय के साथ जिले में भाजपा काफी तेजी से मजबूत बनी है। ऐसे में देबश्री चौधरी को भी लोग बड़े पैमाने पर मतदान करने वाले हैं। इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि इस बार मोहम्मद सलीम की राह आसान नहीं है।

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