वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा चुनाव में अपने नामांकन से पहले संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मेगा रोड शो करके विपक्षी दलों को सियासी ताकत का एहसास कराया।
इसकी शुरुआत काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) स्थित भारत रत्न महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई।
शंखध्वनि, पुष्पवर्षा के बीच यहां लोगों का अभिवादन स्वीकार कर प्रधानमंत्री ने मेगा रोड शो शुरू किया। मोदी-मोदी और भारत माता की जय के गगनभेदी नारे के बीच प्रधानमंत्री का काफिला लंका से आगे बढ़ा तो सड़क के किनारे दोनों तरफ खड़े लाखों युवाओं, महिलाओं को देख प्रधानमंत्री ने हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। रोड शो में जब मोदी हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे तो ऐसा लग रहा था कि मानो लोग बैरिकेडिंग तोड़कर उन तक पहुंच जायेंगे। सड़क के किनारे सभी भवनों के ऊपर खड़े होकर लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक झलक देखने के लिए बेताब रहे।
वाराणसी के विभिन्न मोहल्लों में बसे विभिन्न राज्यों के नागरिकों ने रोड शो के मार्ग पर पारंपरिक परिधानों में पीएम का स्वागत किया। रोड शो में अपार जनसैलाब को देख लोगों को काशी में लघु भारत का एहसास होता रहा। लगभग पांच किमी. रोड शो में जैसे-जैसे पीएम का काफिला आगे बढ़ता गया, वैसे-वैसे रोड शो में शामिल होने के लिए जनसैलाब उमड़ता रहा।
प्रधानमंत्री का रोड शो अस्सी, शिवाला, सोनारपुरा और गोदौलिया होते हुए दशाश्वमेध पहुंच कर समाप्त हुआ। रोड शो को मेगा इवेंट बनाने के लिए पूरे मार्ग पर 101 स्वागत स्थल बनाकर इसे 10 ब्लॉक में विभाजित किया गया। रोड शो में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल,जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष डा.महेन्द्र नाथ पांडेय, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष भोजपुरी फिल्मों के सुपर स्टार मनोज तिवारी, केन्द्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, अकाली दल नेता प्रकाश सिंह बादल, पार्टी प्रवक्ता शहनवाज हुसैन भी शामिल रहे।
आचमन के बाद किया गंगा पूजन
पांच किलोमीटर लम्बे मेगा रोड शो के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दशाश्वमेध घाट पर भव्य गंगा आरती भी देखी। भीषण गर्मी उमस के बीच लम्बे रोड शो में भाग लेने के बावजूद प्रधानमंत्री के चेहरे और शरीर पर थकान का असर नहीं दिखा।
उन्होंने पूरे उत्साह और आस्था के साथ घाट की सीढ़ियों पर मां गंगा का आचमन कर स्वच्छ गंगा निर्मल गंगा का संदेश देकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा पूजन किया। इसके बाद दुग्धाभिषेक कर गंगा की आरती भी उतारी। इसके पहले गंगा सेवा निधि की ओर से आयोजित भव्य आरती में शामिल हुए। सजे घाट की मढ़ियों पर रखी कुर्सियों पर बैठ कर प्रधानमंत्री ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष डाॅॅ. महेन्द्रनाथ पांडेय के साथ गंगा आरती देखी। मां गंगा के भजनों को सुन प्रधानमंत्री हाथ जोड़ अध्यात्म में खोये दिखे।
घाट पर लयबद्ध गायन के बीच पंरपरागत वेशभूषा में सात अर्चकों ने मां गंगा की आरती उतारी। अर्चकों के साथ रिद्धि सिद्धि के रूप में 14 कन्याओं ने मां गंगा को चवंर डुलाया। घाट पर इन्क्रेडिबल इंडिया (अतुल्य भारत) ने भी बेहतरीन सजावट की थी। गंगा तट पर पीएम के मौजूदगी के दौरान सुरक्षा का व्यापक प्रबन्ध किया गया था। यहां भी व्यवस्था की कमान अमित शाह ने संभाल रखी थी।
खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री ने गंगा आरती में काफी देर तक शंख बजाने वाले रामजनम योगी से मिलकर प्रशंसा करने के बाद उनका उत्साह भी बढ़ाया। प्रधानमंत्री गंगा आरती के बाद काशी विश्वनाथ दरबार में भी जायेंगे। दर्शन पूजन के बाद शाम को छावनी क्षेत्र स्थित होटल डी पेरिस में प्रधानमंत्री वाराणसी के तीन हजार विशिष्टजनों से मुलाकात कर उन्हें संबोधित करेंगे।
काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव का दर्शन करने जाएंगे। दर्शन पूजन के बाद प्रधानमंत्री सीधे नामांकन के लिए वाहनों के काफिले में कचहरी रवाना होंगे।
