कोलकाता। कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक संदिग्ध यात्री को हवाई जहाज में कथित तौर पर बम रखने के संदेह में हिरासत में लिया गया था। हालांकि पूछताछ के बाद संतुष्ट होने पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के अधिकारियों ने उन्हें छोड़ दिया। जांच में आरोप साबित नहीं हुआ है इसलिए यात्री के नाम का खुलासा नहीं किया गया।
इस बारे में हवाई अड्डा प्रबंधन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक हैदराबाद हवाई अड्डे से के सी विश्वनाथ नाम के एक यात्री ने हवाई अड्डे की सुरक्षा में तैनात रहने वाले सीआईएसएफ के अधिकारियों को एक संदिग्ध यात्री के बारे में जानकारी दी। विश्वनाथ में दावा किया कि उक्त संदिग्ध ट्रांसफर एरिया के स्मोकिंग रूम में किसी से बात करते हुए बार-बार कह रहा था कि उसने चेन्नई जा रही इंडिगो एयरलाइन की फ्लाइट संख्या 6 ई-188 में बम ट्रांसफर कर दिया है और वह दिल्ली के लिए निकलने वाला है।
खबर के आधार पर हैदराबाद और चेन्नई एयरपोर्ट की सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया
सूचना मिलने के तुरंत बाद सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने चेन्नई जा रहे विश्वनाथ से मिली खबर के आधार पर हैदराबाद और चेन्नई एयरपोर्ट की सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया। जांच एजेंसी के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर ( एसओपी) के अनुसार तत्काल बम थ्रेट एसेसमेंट कमेटी का गठन किया गया और सभी विमानों की उड़ान रोक दी गई। मुसाफिर द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक उस विमान को भी चेक किया गया जिसमें कथित तौर पर बम ट्रांसफर करने की बात की गई थी लेकिन कुछ नहीं मिला। सीआईएसएफ द्वारा गठित स्पेशल टास्क फोर्स ने सभी यात्रियों को उतारकर बाद में उनके सामानों की भी जांच की। इसके बाद सीसीटीवी कैमरे की मदद से बम रखने वाले संदिग्धों यात्री की शिनाख्त की गई। पता चला कि वह चेन्नई से कोलकाता के लिए गो एयरवेज की फ्लाइट से रवाना हो गया है।
उसके बाद कोलकाता एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ को सतर्क कर दिया गया और उसकी तस्वीरें भेज कर उसे हिरासत में लेने की हिदायत दी गई। कोलकाता एयरपोर्ट पर फ्लाइट के लैंड करते ही उक्त यात्री को हिरासत में ले लिया गया। उससे पूछताछ की गई लेकिन उसने बम के बारे में किसी भी तरह की बात करने से इनकार कर दिया। उससे घंटों पूछताछ की गई। हैदराबाद एयरपोर्ट पुलिस के डीसीपी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संदिग्ध मुसाफिर से लंबी पूछताछ की।
इसके अलावा एयरपोर्ट पर मौजूद सीआईएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने भी उससे गहन पूछताछ की लेकिन वह अपनी बात पर अड़ा रहा। उधर सभी विमानों की तलाशी के बाद भी किसी तरह का कोई बम नहीं मिलने के बाद संतुष्ट होने पर सुरक्षा एजेंसियों ने उसे बाद में कोलकाता हवाई अड्डे से जाने दिया। विमान में बम होने की बात को अफवाह करार दिया गया है।
