सरकार ने किया 1.70 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान

देश
Please Help Save Daughter Priyanka Kumari

नई दिल्‍ली। देश्व्यापी लॉक डाउन के बीच बहु प्रतीक्षित आर्थिक पैकेज का आज वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान कर दिया। प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण योजना के तहत 1.70 लाख करोड़ रुपये के पैकेज में गरीबों से लेकर नौकरी पेशा तक को राहत देने की कोशिश की गई है।

डाक्टरों के लिए इन्श्योरेन्स देने की घोषणा

इतना ही नहीं कोरोना के इलाज में अपनी जान जोखिम मेें डालकर सेवा कर रहे डाक्टरों के लिए 50 लाख रुपए का इन्श्योरेन्स देने की भी घोषणा की है. लॉकडाउन से सीधे तौर पर प्रभावित गरीबों और दिहाड़ी मजदूरों के अलावा गांवों में रहने वालों के लिए अलग अलग तरीके से राहत की घोषण की गई है ।

देश के 80 करोड़ गरीबों और दिहाड़ी मजदूरों को खाद्य सामग्री की राहत सरकार मुहैया कराएगी

वित्तमंत्री सीतारमण ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि ये पैकेज देश के गरीबों के लिए है, ताकि देश में कोई भी गरीब भूखा न रह जाए। वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्‍त राज्‍यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने बताया कि इस पैकेज के अंतर्गत प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना के तहत देश के 80 करोड़ गरीबों और दिहाड़ी मजदूरों को खाद्य सामग्री की राहत सरकार मुहैया कराएगी। इसमें 5 किलो गेहूं या चावल और एक किलो दाल अगले 3 महीने तक लोगों को सरकार मुफ्त में देगी, जिसमें अपनी पसंद की 1 किलो दाल भी लोगों को हर महीने फ्री में मिलेगा।

ये पहले से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के जरिए मिल रहे राशन से अलग और बिल्‍कुल फ्री होगा। सीतारमण ने कहा कि सरकार किसी को भूखा नहीं रहने देगी तथा हर किसी को अन्‍न मिलेगा।

इसके अलावा वित मंत्री ने बताया कि किसानों को 6 हजार रुपये पीएम किसान सम्‍मान निधि के तहत मिलते हैं। अब हम उन्‍हें 2,000 रुपये सीधे तौर पर देने जा रहे हैं। इससे 8.69 करोड़ किसानों को इस कठिन समय में मदद मिलेगी। ये पैसे अप्रैल के पहले हफ्ते में खाते में डाल दी जाएगी।

इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा के तहत काम करने वालों को अब 182 रुपये प्रतिदिन के बदले 200 रुपये मिलेंगे। इससे उनकी आय में 2 हजार रुपये रुपये की बढ़ोत्‍तरी होगी। इससे 5 करोड़ परिवारों को मदद मिलेगी।

इसके अलावा उज्‍जवला योजना के अंतर्गत गरीबी की रेखा से नीचे (बीपीएल) श्रेणी की महिलाओं को तीन महीने तक मुफ्त में गैस सिलेंडर मिलेगा। उज्‍ज्‍वला स्‍कीम के तहत करीब आठ करोड़ से ज्‍यादा बीपीएल महिलाओं को इस इससे लाभ होगा। इसके साथ ही केंद्र सरकार महिला जन-धन खाताधारकों को 500 रुपये की राशि उनके खाते में देगी, जिससे 20 करोड़ महिलाओं को लाभ होगा।

वित्‍त मंत्री ने गरीब वरिष्‍ठ नागरिकों, विधावाएं और दिव्‍यांगों को तीन महीने तक अतिरिक्त 1,000 रुपये डायरेक्‍ट बेनिफिट ट्रांसफर स्‍कीम के जरिए भी देगी। साथ ही सरकार 63 लाख सेल्‍फ हेल्‍प ग्रुप को 20 लाख रुपये तक का कोलैटरल फ्री लोन भी मुहैया कराएगी। ऐसे सेल्‍फ हेल्‍प ग्रुप से जुड़े 7 करोड़ परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। पहले ऐसे लोन की सीमा 10 लाख रुपये थी।

3.5 करोड़ मजदूरों के लिए 31 हजार करोड़ रुपये के फंड का सदुपयोग

सीतारमण ने राहत पैकेज का ऐलान करते हुए कहा कि कंस्‍ट्रक्‍शन से जुड़े 3.5 करोड़ मजदूरों के लिए 31 हजार करोड़ रुपये के फंड का सदुपयोग किया जाए। इसके लिए राज्‍य सरकारों से कहा जाएगा। साथ ही 100 से ज्‍यादा कर्मचारियों वाली कंपनी जिसमें 90 फीसदी कर्मचारियों का वेतन 15,000 रुपये से कम है, उसके कर्मचारियों के ईपीएफओ खाते में सरकार अगले तीन महीने तक कर्मचारी और कंपनी की तरफ से पैसे डालेगी। सरकार दोनों की तरफ से 12-12 फीसदी का योगदान करेगी। इससे 80 लाख से ज्‍यादा मजदूरों को लाभ लेगा।

ईपीएफओ के रेगुलेशन में बदलाव

इसके अलावा वित्‍त मंत्री ने बताया कि संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए भी ईपीएफओ के रेगुलेशन में बदलाव किया गया है। कर्मचारी अपने प्रोविडेंट फंड खाते से 75 फीसदी राशि या 3 महीने की सैलरी, जो भी राशि कम हो की निकासी कर सकते हैं। ये पैसे उन्‍हें वापस नहीं करने होंगे।

Share from here