- अभी नहीं खुलेंगे स्कूल
- हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन दवा की कमी नहीं
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में एक दिन में 12 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। यहां पीड़ितों की संख्या बढ़कर 83 हो गई है। 80 लोग विभिन्न अस्पतालों में इलाजरत हैं जबकि 3 लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। हावड़ा सदर अस्पताल के अधीक्षक भी पॉजिटिव पाए गए हैं।
राज्य सचिवालय नवान्न में गुरुवार अपराह्न मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि मरने वालों की संख्या अभी भी पांच है। बंगाल में दो लाख प्रवासी मजदूरों को भोजन दिया जा रहा है। यहां 562 क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। अब तक जितने भी लोग कोरोना से पीड़ित पाए गए हैं, वे सारे 11 परिवारों के हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 लाख पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट का आर्डर दिया गया है। इसके अलावा 7.2 लाख एन-95 मास्क का आर्डर दिया गया है। 61 अस्पतालों को कोरोना के इलाज के लिए विकसित किया गया है। 5188 लोग क्वॉरेंटाइन से मुक्त हुए हैं। अभी भी 4717 लोग सरकारी तौर पर क्वॉरेंटाइन पर रखे गए हैं। कुल 1886 लोगों के नमूने जांचे गए हैं।
अभी नहीं खुलेंगे स्कूल
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अभी स्कूलों को नहीं खोला जाएगा। अंदाजा लगाया जा रहा था कि 15 अप्रैल को अगर लॉक डाउन नहीं हटाया जाता है तब भी राज्य सरकार स्कूलों को खोलने के बारे में निर्णय ले सकती है लेकिन सीएम ने गुरुवार को कहा कि फिलहाल जिस तरह के हालात हैं उसे देखते हुए फिलहाल स्कूलों को नहीं खोला जा सकता है।
हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन दवा की कमी नहीं
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पश्चिम बंगाल में कोरोना के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मात्रा में यह दवा मौजूद हैं। इसके अलावा राज्य में जो भी कारोबारी इस दवा को बनाते हैं। उन्हें इसे बनाने की छूट दी गई है।
