CM Suvendu Adhikari – धर्मतला में बीते कल प्रदर्शन के दौरान हुए हंगामें को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा से सख्त कार्रवाई की बात कही।
CM Suvendu Adhikari
उन्होंने हंगामा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ़ ‘गुंडा दमन कानून’ के तहत सख्त कार्रवाई की करने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि ऐसे कदम उठाए जाएंगे कि इसके नतीजे तीन पीढ़ियों तक याद रखे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि कुल 70 लोगों की पहचान की गई है; वे न तो छात्र हैं और न ही NEET विरोध आंदोलन से जुड़े हैं।
सीएम सुवेंदु ने यह भी बताया कि धर्मतला रैली में हंगामे और पत्रकारों पर हमलों के संबंध में हेयर स्ट्रीट और एंटाली पुलिस स्टेशनों में सात मामले दर्ज किए गए हैं।
CM Suvendu Adhikari ने शुक्रवार रात अस्पताल में घायल पत्रकारों से मुलाकात की, जहां उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया था कि हमलावरों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर अंडे फेंकना बंगाल की संस्कृति का हिस्सा नहीं है, तो पत्रकारों पर जूते और बोतलें फेंकना भी बंगाल की संस्कृति का हिस्सा नहीं है।”
उन्होंने कहा कि कोई भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपने विचार व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र है, बशर्ते कानून-व्यवस्था में कोई बाधा न आए, पुलिस को इस संबंध में निर्देश दिए गए थे।
सीएम सुवेंदु ने कहा, “पुलिस को निर्देश दिया गया था कि जब तक प्रदर्शनकारी बेकाबू न हो जाएं, तब तक बल का प्रयोग न करें, और पुलिस ने इस बात का ध्यान रखा।
रैली शुरू में शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ी पर धर्मतला में डोरिना क्रॉसिंग पर पहुंचने के बाद ही जूते और बोतलें फेंकी जाने लगीं।”
CM Suvendu Adhikari ने आरोप लगाया कि खुद को ‘कॉकरोच पार्टी’ कहने वालों द्वारा बुलाई गई रैली में ऐसे लोग घुस आए थे जिनका मुख्य आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था।
जांच से पता चला कि वे छात्र नहीं थे; किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय में उनके नामांकन का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। वही लोग थे जिन्होंने पुलिस को कई तरह से उकसाने की कोशिश की।
हालांकि, पुलिस ने उनके जाल में फंसने के बजाय संयम बरता। सुवेंदु ने कहा, “वे चाहते थे कि पुलिस लाठीचार्ज करे, आंसू गैस छोड़े और बल का प्रयोग करे, ताकि ड्रामा और बढ़ सके। लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं होने दिया।
CM Suvendu Adhikari ने कहा मैं यहां कुख्यात लोगों के नाम ले रहा हूं। मैं उन्हें बख्शूंगा नहीं। वे हैं – राजाबागन से अफरोज, खिदिरपुर से नाहिद, इकबालपुर से तनवीर और निजाम, और वाटगंज से राहुल जमाल। ये पांचों गुंडे हैं। मैं गुंडा दमन कानून के तहत ऐसी कार्रवाई करूंगा कि तीन पीढ़ियां इसे याद रखेंगी।
