Dilip Ghosh – राज्य के मंत्री दिलीप घोष ने हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों, पार्टी के आंतरिक अनुशासन, राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और उद्योग नीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर मीडियाकर्मियों को संबोधित किया।
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उन्होंने मुख्य बिंदुओं पर अपनी बात रखी। भाजपा के तृणमूलीकरण को लेकर उन्होंने कहा कि “टीएमसी के लिए कोई दरवाजे नहीं खुले हैं।
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं के भाजपा में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी ने किसी के लिए दरवाजे नहीं खोले हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि टीएमसी के लोगों को पार्टी में शामिल कराने की कोशिश करने के आरोप में लगभग 250 भाजपा कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और 30 कार्यकर्ताओं को निलंबित किया गया है।
उन्होंने कहा कि पार्टी के आम कार्यकर्ता इस बात को कभी स्वीकार नहीं करेंगे, क्योंकि उन्होंने जिनके खिलाफ लड़ाई लड़ी है, जिनकी वजह से उनके घर उजड़े, हाथ-पैर टूटे और 250 कार्यकर्ता शहीद हुए, उन्हें किसी भी कीमत पर पार्टी में जगह नहीं दी जाएगी।
निचले स्तर के कार्यकर्ताओं के असंतोष पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पड़ोसियों या अन्य नेताओं से सामान्य बातचीत होना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा, “क्या मैं अपने पड़ोस में रहने वाले टीएमसी नेता से बात नहीं करूँगा? मैं इस प्रकार की संकीर्ण राजनीति नहीं करता।”
उन्होंने बताया कि टीएमसी के कई विधायकों और सांसदों से उनके व्यक्तिगत संबंध हैं। केंद्रीय नेतृत्व के फैसलों पर उन्होंने कहा कि भाजपा एक अखिल भारतीय पार्टी है और शीर्ष नेतृत्व जो भी निर्णय लेगा, उसे स्वीकार किया जाएगा, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व भी बंगाल की धरातली सच्चाई से भली-भांति अवगत है।
