Calcutta High Court

Nandigram Milan Pradhan – मिलन प्रधान को नहीं मिला सुरक्षा कवच; हाई कोर्ट ने….

बंगाल

Nandigram Milan Pradhan – कलकत्ता हाईकोर्ट ने नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को उनके खिलाफ दर्ज एक नए मामले में मिली अंतरिम सुरक्षा को रद्द कर दिया है।

Nandigram Milan Pradhan

हाई कोर्ट ने कांग्रेस उम्मीदवार को इसके बजाय ज़मानत के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया। शुक्रवार को, चीफ जस्टिस रवींद्र वी. घुगे और जस्टिस ओम नारायण राय की डिवीज़न बेंच ने सुरक्षा देने वाले सिंगल बेंच के आदेश को पलट दिया।

चीफ जस्टिस ने टिप्पणी की, “सिंगल बेंच ऐसा आदेश कैसे दे सकती है? मैं इस आदेश से हैरान हूँ!” इससे पहले, जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल बेंच ने फैसला सुनाया था कि कांग्रेस उम्मीदवार को नए मामले में गिरफ्तार नहीं दिखाया जा सकता और पुलिस उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं कर सकती।

Nandigram Milan Pradhan – राज्य सरकार ने सिंगल बेंच के उस आदेश को चुनौती देते हुए डिवीज़न बेंच का रुख किया था। शुक्रवार की सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस ने सवाल किया कि उम्मीदवार ने गिरफ्तारी के बाद अग्रिम ज़मानत या ज़मानत के लिए आवेदन क्यों नहीं किया।

उन्होंने आगे कहा कि कानून के एक छात्र के तौर पर, वह उम्मीद करते हैं कि कानून का सख्ती से पालन किया जाए। शुक्रवार की सुनवाई के दौरान, मिलन प्रधान के वकील अयान भट्टाचार्य ने तर्क दिया कि स्थिति तब बदल गई जब ममता बनर्जी और उनकी पार्टी ने उनका समर्थन करने की बात कही ।

उन्होंने कहा, “मेरे क्लाइंट उपचुनाव में उम्मीदवार हैं। उन्होंने 15 सितंबर को अपना नामांकन दाखिल किया। तब तक सब कुछ ठीक था। 18 सितंबर को एक अन्य विपक्षी पार्टी द्वारा समर्थन दिए जाने के बाद स्थिति बदल गई। उन्हें 2007 के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है। मतदान में कुछ ही दिन बचे हैं। इसीलिए यह कदम (सुरक्षा की मांग) उठाया गया—ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह चुनाव लड़ सकें।”

Nandigram Milan Pradhan – उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले नए मामले में ज़मानत हासिल करने के लिए पर्याप्त समय नहीं था, इसलिए सुरक्षा की मांग की गई थी। चीफ जस्टिस ने कहा, “आपकी दलीलें सुनने के बाद, मुझे कहना होगा कि यह ज़मानत के लिए उपयुक्त मामला है। आपको ज़मानत के लिए आवेदन करना चाहिए। चुनाव के लिए समय है। कोर्ट छुट्टियों के दिन भी बैठ सकता है; कानूनी कार्यवाही शनिवार या रविवार को नहीं रुकती।”

चीफ जस्टिस ने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं, लेकिन कानून को दरकिनार करके नहीं। सिर्फ इसलिए कि कोई चुनाव लड़ रहा है, वह कोई खास व्यक्ति नहीं बन जाता; कानून की नज़र में सब बराबर हैं। इस मामले में VIP और आम नागरिक के बीच कोई फ़र्क नहीं है।

Nandigram Milan Pradhan – चीफ जस्टिस ने टिप्पणी की, “आप भगवान नहीं हैं। हर आम नागरिक का कानून में भरोसा है। आप कोई खास व्यक्ति नहीं हैं। ज़मानत के लिए अर्ज़ी दें। हम कानून के प्रावधानों का पालन करने के लिए बाध्य हैं। कानून हर नागरिक पर समान रूप से लागू होता है। चुनाव प्रक्रिया और कानूनी कार्यवाही के बीच कोई टकराव नहीं है।”

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