kolkata metro suicide

बंगाल सरकार ने लिखा गृह मंत्रालय को पत्र, कोलकाता में मेट्रो चलाने की मांग

कोलकाता

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा ने मंगलवार को केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला को एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें राजधानी कोलकाता में चिकित्सा, पुलिस, अग्निशमन जैसे अत्यंत जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों के यातायात के लिए सीमित संख्या में मेट्रो चलने देने की छूट की मांग की है।

 

 

सिन्हा ने अपनी चिट्ठी में इस बात का जिक्र किया है कि राजधानी कोलकाता में छह से सात लाख लोग नियमित तौर पर मेट्रो के जरिए यात्रा करते हैं जबकि 10 से 12 लाख लोग बसों से सफर करते हैं। कोरोना के इस संकट के दौर में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 31 जुलाई तक लॉकडाउन को बढ़ाने का निर्देश दिया है, जिसमें मेट्रो सेवा को बंद रखने के ठोस निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा कोलकाता में 6000 प्राइवेट बसें चलती हैं, जिनमें से केवल ढाई हजार चल रही हैं।

 

 

पश्चिम बंगाल सरकार ने यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पूर्व में 88 सरकारी बसों के मुकाबले फिलहाल 150 सरकारी बसें चला रही है। बावजूद इसके इतनी अधिक संख्या में लोग यात्रा रहे हैं कि उन्हें संभालने के लिए ये सारी व्यवस्थाएं कम पड़ रही हैं।

 

 

कोलकाता मेट्रो के अधिकारियों के साथ राज्य सरकार की बैठक हुई है जिसमें स्पष्ट बताया गया है कि जब तक केंद्र सरकार इसकी अनुमति नहीं देगी तब तक मेट्रो सेवा पुनः बहाल करना संभव नहीं होगा। इसलिए गृह मंत्रालय से अपील है कि जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को आने जाने की छूट देने के लिए सीमित संख्या में मेट्रो चलाने की अनुमति दी जाए। इससे ना केवल लोगों को सुविधाएं होंगी बल्कि यातायात के अधिक संसाधन मौजूद रहने पर शारीरिक दूरी के प्रावधानों का पालन करना भी आसान होगा। 

Share from here