विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि पिछले एक महीने से बाड़े में बंद अशोक गहलोत सरकार जनता की अनदेखी कर रही है और यह सरकार विरोधाभास की सरकार है। उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पर विधायकों के हस्ताक्षर कराए। इस बैठक में राज्य की पूर्व मुख्यंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और मुरलीधर राव के साथ भाजपी के सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक दल के विधायक भी शामिल थे।
कटारिया ने कहा, “हम कल से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे। कांग्रेस अपने घर में टांका लगाकर कपड़े जोड़ना चाह रही है लेकिन ये कपड़ा फट चुका है। यह सरकार जल्द ही गिरेगी।”
हालांकि, इससे पहले बीजेपी ने अविश्वास प्रस्ताव ना लाने की बात कही थी। पार्टी ने कहा था कि कांग्रेस अगर बहुमत परीक्षण करना चाहे तो करे, हम अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाएंगे। बीजेपी पर तब अशोक गहलोत लगातार उनकी सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगा रहे थे।
बैठक के दौरान वसुंधरा राजे ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस जनता के नहीं बल्कि अपने हितों का ध्यान रख रही है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कांग्रेस सरकार ने कुछ काम नहीं किया है बस हमारी योजनाओं के नाम बदल दिए हैं।
भाजपा ऐसे समय में अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रही है जब उसकी खुद की पार्टी में फूट पड़ी हुई है। आज सुबह हुई विधायक दल में यह दिखा भी जब नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया केंद्रीय मंत्रियों नरेंद्र सिंह तोमर और मुरलीधर राव के भाजपा मुख्यालय आगमन पर तो उन्हें लेने पहुंचे लेकिन ऐसा ही सत्कार भाव उन्होंने वसुंधरा राजे के पहुंचने पर नहीं दिखाया।
