कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी के लिए पश्चिम बंगाल मछली की आंख की तरह लक्ष्य बन गया है। 2021 के विधानसभा चुनाव में राज्य की सत्ता पर आरूढ़ होने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही भारतीय जनता पार्टी यहां लोगों के बीच अपनी पैठ सुनिश्चित करने में कोई भी कोर कसर बाकी नहीं रखना चाहती। इसीलिए केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह एक बार फिर राज्य के दौरे पर आ रहे हैं।
प्रदेश भाजपा सूत्रों ने शनिवार को बताया कि आगामी पांच नवम्बर को अमित शाह बंगाल आएंगे। उनका यह दो दिवसीय दौरा होगा। इस दौरान संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे। उनका निशाना मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर रहेगा। बंगाल में एक के बाद एक हो रही राजनीतिक हत्याओं के बीच अमित शाह का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरे के दौरान अमित शाह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग से बैठक करेंगे। दरअसल पश्चिम बंगाल भाजपा में विधानसभा चुनाव से पहले गुटबाजी भी चरम पर है।
प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय के बीच चल रहे कोल्ड वार की वजह से केंद्रीय नेतृत्व ने सांगठनिक महासचिव सुब्रत चटर्जी को हटाकर उनकी जगह अमिताभ चक्रवर्ती को जिम्मेवारी सौंपी है। इससे एक चीज स्पष्ट हो गई है कि दिलीप घोष के नेतृत्व में 2021 का विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा लेकिन राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय बंगाल के प्रभारी बने रहेंगे या नहीं इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है।
उल्लेखनीय है कि इसके पहले जेपी नड्डा बंगाल का दौरा कर चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वर्चुअल जरिए से संबोधन किया था और अब शाह का दौरा बड़ा संकेत है।
