फर्जी वैक्सिनेशन मामले में राज्य सरकार को कोलकाता हाईकोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है।
हालांकि, न्यायमूर्ति इंद्रप्रसन्ना मुखर्जी ने कहा, “यदि आवश्यक हुआ तो भविष्य में मामले को देखा जा सकता है। अदालत इस समय राज्य की जांच में हस्तक्षेप नहीं करेगी।”
विचारपति मुखर्जी ने कहा कि, “इस तरह के अपराध दुर्लभ हैं। यह बहुत आश्चर्य की बात है कि देवंजन ने ऐसा कैसे किया। आम आदमी को नुकसान पहुंचाया गया है।”
