ममता बनर्जी रास्ते से भटकेगी तो मेरे दायित्व की शुरुआत होगी – राज्यपाल धनखड़

कोलकाता

सनलाइट, कोलकाता। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल धनखड़ ने कानून व्यवस्था के मसले पर आज प्रेस कांफ्रेंस की जिसमे उन्होंंने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया का रोल अहम है, अगर इसे खराब किया गया तो लोकतंत्र में दिक्कत होगी। बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

बंगाल गवर्नर ने कहा कि मुख्यमंत्री संविधान की आत्मा का ध्यान रखें, भारत एक है भारत की आत्मा एक है। अगर आप इस रास्ते से भटकती हैं, तब मेरे दायित्व की शुरुआत होती है।

 

बंगाल के राज्यपाल ने सीएम से सवाल किया कि राज्य में कौन बाहरी है, उनका इससे क्या मतलब है? क्या भारतीय नागरिक भी बाहरी हैं, ममता को इस तरह बयान नहीं देने चाहिए, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस आग से नहीं खेलना चाहिए। मुख्यमंत्री को संविधान का पालन करना चाहिए।

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले को लेकर बंगाल के राज्यपाल ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए थे, ये लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। लोकतंत्र में हर किसी को अपने विचारों को रखने का हक है।

राज्यपाल ने इशारों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ‘चड्डा मड्डा’ के बयान पर कहा कि मुख्यमंत्री किस प्रकार लापरवाह हो सकता है, क्या बंगाली कल्चर इस तरह बात करने की इजाजत देता है। ममता बनर्जी वरिष्ठ नेता हैं, मुख्यमंत्री के तौर पर दूसरा कार्यकाल पूरा कर रही हैं। उन्हें इस तरह की बाते नही करनी चाहिए। ऐसे में अगर वो अपने शब्दों के लिए माफी मांगती हैं, तो अच्छा होगा। राज्यपाल ने कहा कि राजनीतिक दल क्या करते हैं, उससे मुझे मतलब नहीं है। लेकिन बतौर गर्वनर मेरी कुछ जिम्मेदारी हैं। संविधान की रक्षा करना मेरा कर्तव्य है, कानून व्यवस्था का पालन करना, मानवाधिकार की रक्षा करना मेरी जिम्मेदारी है।

 

बंगाल के राज्यपाल ने कहा कि कल की घटना को लेकर मैंने राज्य के डीजीपी, चीफ सेक्रेटरी को तलब किया। कल चीफ सेक्रेटरी ने मुझे संदेश भेजा था कि उन्होंने राजनीतिक दौरे को लेकर डीजीपी को अलर्ट किया है।

जगदीप धनखड़ ने कहा कि उन्होंने कल की घटना को लेकर डीजीपी, चीफ सेक्रेटरी से बात की और दुख जताया। डीजीपी, चीफ सक्रेटरी मेरे पास बिना किसी रिपोर्ट या इनपुट के आए, जबकि मैंने लिखित में आदेश दिया था। क्या राज्य की पुलिस ‘राजनीतिक पुलिस’ हो गई है। राज्य के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं, सिर्फ भ्रष्टाचार चल रहा है। सरकारी तंत्र का राजनीतिक तंत्र हो गया है और विपक्ष के लिए कोई जगह नहीं है।

 

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