आखिरकार आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी (Naushad Siddiqui) को जमानत मिल गई। 40 दिन बाद उन्हें जमानत मिल गई। गुरुवार को कलकत्ता हाई कोर्ट ने नौशाद की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि राज्य नौशाद और उनके समर्थकों के खिलाफ पुलिस को मारने का कोई सबूत नहीं दिखा सका। जस्टिस देबांशु बसाक की खंडपीठ ने बुधवार को राज्य से पूछा कि पुलिस पर हमले के आरोपों के सबूत कहां हैं? जजों ने बुधवार को नौशाद के भाषण का वीडियो भी देखा। साक्ष्य देने के लिए एक दिन का समय मांगा गया है। हालांकि, राज्य गुरुवार को भी कोई सबूत नहीं दे सका। बाद में जमानत अर्जी मंजूर कर ली गई।
