
सनलाइट,कोलकाता। दिल की गहराईयों से लिखे गये गीतों को रफी साहेब ने भावनाओं में ढ़ाल कर बड़े ही तरूनम से गाया था जिसके कारण आज और युगों बाद भी उनके गाये गीत गाये और सुने जायेंगे , मोहम्मद रफी लवर्स बड़ाबजार की ओर से आयोजित रफी नाईट तुम मुझे यू भूला न पाओगे में मुख्य श्रोता के रूप में उपस्थित ज्योतिषाचार्य शिवदयाल व्यास फन्नाजी ने कहा कि रफी साहेब के गीत सुन कर दिल को सकून मिलता है। कार्यक्रम मे रफी के १८ गीत विभिन्न कलाकारो ने प्रस्तुत किये जिनमे शिव कुमार व्यास ने दोनों ने किया था प्यार मगर, नरेन्द्र ने परदा है परदा, मुकंद पुरोहित ने एहसान तेरा होगा मुझ पर, रिशी व्यास ने चौहदवीं का चांद हो, करण ने अकेले है चले आओ और गोविन्द ने बदन पे सितारे लपेटे हुवे गा कर श्रोताओं की तालियॉ बटोरी। विशिष्ट श्रोता गोपाल लाल व्यास ने स्वयं गीत गा कर उपस्थित श्रोताओ को मंत्रमुग्ध कर दिया। मोहम्मद परवेज ने संगीत दिया एवं संचालन दुर्गा दास आचार्य मन्नू ने किया।
