नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आपराधिक मानहानि के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता योगेन्द्र यादव के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया है।
कोर्ट ने इन तीनों को समन जारी किया था लेकिन ये तीनों कोर्ट में पेश नहीं हुए, जिसके बाद कोर्ट ने तीनों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिया।
सुनवाई के दौरान केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के वकील ने कहा कि कोर्ट ने दोनों की व्यक्तिगत पेशी से स्थाई छूट दे रखी है। इसलिए गैरजमानती वारंट को निरस्त किया जाए। तब कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर 24 अप्रैल को सुनवाई करेंगे।
सुरेंद्र कुमार शर्मा ने आरोप लगाया है कि 2013 में आम आदमी पार्टी ने उनसे संपर्क किया था और चुनावों में हिस्सा लेने को कहा । शर्मा का कहना था कि केजरीवाल उनके सामाजिक कार्यों से खुश थे। शर्मा ने दावा किया है कि 14 अक्टूबर, 2013 को प्रमुख अखबारों में छपी खबरों में केजरीवाल ने उनके खिलाफ अपमानजनक और खराब शब्दों का इस्तेमाल किया था, जिससे बार एसोसिएशन और समाज में उनके सम्मान को नुकसान पहुंचा था।
सुरेंद्र शर्मा को पहले शाहदरा विधानसभा से आम आदमी का टिकट दिया गया था लेकिन बाद में उनका टिकट काट दिया गया। इन तीनों से जब टिकट काटने की वजहों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि सुरेंद्र शर्मा पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसके चलते टिकट नहीं दिया जा सकता।
तीनों के इन्हीं बयानों के खिलाफ सुरेंद्र शर्मा ने आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया है।
