कोलकाता। विख्यात परमाणु वैज्ञानिक और परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. शेखर बसु (68) का कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे कोरोना संक्रमित थे।
पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि संक्रमण के लक्षण नजर आने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। डॉ. बसु कोरोना और किडनी संबंधित अन्य रोग से पीड़ित थे। मेकेनिकल इंजीनियर डॉ. बसु को देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। उन्हें वर्ष 2014 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। भारत की परमाणु ऊर्जा से संचालित पहली पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत के लिए बेहद जटिल रियेक्टर के निर्माण में बसु ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी।
उनके निधन पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि विख्यात परमाणु वैज्ञानिक और परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व चेयरमैन के निधन से दुखी हूं। ममता बनर्जी ने ट्विटर पर जारी अपने शोक संदेश में डॉ. शेखर बसु के परिजनों और उनके साथियों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
