Sharmistha Panoli – सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली की जमानत याचिका को कलकत्ता हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।
Sharmistha Panoli
कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की इजाजत नहीं देती है।
शर्मिष्ठा पनोली के मामले में कोर्ट ने देश की विविधता की याद दिलाई। पुणे की यह छात्रा सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय है।
मालूम हो कि शर्मिष्ठा ने ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ करते हुए ऐसे ही एक वीडियो में कई बातें कही थीं। लेकिन आरोप लगे कि उसने एक खास समुदाय को निशाना बनाया।
हालांकि बाद में वीडियो हटा दिया गया। शर्मिष्ठा के खिलाफ कोलकाता के एक पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई। बाद में शर्मिष्ठा को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद से अभिनेत्री-सांसद कंगना रनौत और डच सांसद गीर्ट वाइल्डर्स शर्मिष्ठा के समर्थन में सामने आए हैं। जनता ने भी शर्मिष्ठा के प्रति अपना समर्थन जताया है।
शर्मिष्ठा पनोली मुद्दे पर अगली सुनवाई 5 जून को होगी और राज्य को उस दिन केस डायरी जमा करने को कहा गया है।
