कोलकाता। राष्ट्रीय पंचायत राज दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल की त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली देश के बाकी हिस्सों के लिए मॉडल है। बुधवार सुबह मुख्यमंत्री ने इस बारे में ट्वीट किया। इसमें उन्होंने लिखा कि आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस है। बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली देश के बाकी हिस्सों के लिए एक मॉडल है। 100 दिनों की कार्य योजना के तहत ग्रामीण सड़क निर्माण में बंगाल नंबर एक है।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस प्रत्येक वर्ष 24 अप्रॅल को मनाया जाता है। पंचायती राज व्यवस्था में ग्राम, तहसील, तालुका और ज़िला आते हैं। भारत में प्राचीन काल से ही पंचायती राज व्यवस्था अस्तित्व में रही है, भले ही इसे विभिन्न नाम से विभिन्न काल में जाना जाता हो। देश में पंचायती राज व्यवस्था की नींव राजस्थान में रखी गई थी। देश के तत्कालीन प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने साल 1959 में 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन पंचायती राज व्यवस्था लागू की थी।
हर साल देशभर में 24 अप्रैल को ‘राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस’ मनाया जाता है। ये दिन भारतीय संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 के पारित होने का प्रतीक है, जो 24 अप्रैल 1993 से लागू हुआ था। जिसके बाद इस दिन को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत साल 2010 से हुई थी। वर्तमान में 9891 ग्राम पंचायतें, 295 पंचायत समितियां और 33 जिला परिषद् पंचायती राज व्यवस्था का हिस्सा हैं।
