केन्द्र सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है। केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय के मुताबिक नेताजी की 125वीं जयंती साल में प्रवेश होने के साथ ही देशभर में अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं।
संस्कृति मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है, ‘नेताजी की अदम्य भावना और राष्ट्र के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा और सम्मान को याद रखने के लिए, भारत सरकार ने देशवासियों, विशेष रूप से युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके 23 जनवरी को आने वाले जन्मदिवस को हर साल पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है। नेताजी ने विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए देशवासियों में देशभक्ति की भावना जगाई।’
