कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान भारत समेत दुनिया के कई देशों में पॉपुलर हो रही है वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एप जूम (Zoom App) को लेकर गृह मंत्रालय ने कहा है कि यह सुरक्षित नहीं है।
गृह मंत्रालय ने इसे लेकर एक एडवाइजरी भी जारी की है जिसमें कहा गया है कि लोग इसका सावधानी से इस्तेमाल करें। साथ ही मंत्रालय ने यह भी कहा है कि सरकारी अधिकारियों द्वारा आधिकारिक कार्यों के लिए इस प्लेटफार्म का इस्तेमाल नहीं किया जाए।
सरकार की ओर से यह एडवाइजरी राष्ट्रीय सायबर सुरक्षा एजेंसी- कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पोंस टीम ऑफ इंडिया की ओर से इस एप को लेकर जारी की गई चेतावनी के मद्देनजर आई है। एजेंसी ने कुछ दिनों पहले लोगों को इस एप की कमजोरियों के प्रति आगाह किया था।
जूम पर बात करने के लिए गृह मंत्रालय ने ये सुझाव दिए हैं
1.हर मीटिंग के लिए नई यूजर आईडी, पासवर्ड का इस्तेमाल करें।
2.वेटिंग रूम को एनेबल करें, ताकि कोई भी यूजर तभी कॉल में शामिल हो सके जब कॉन्फ्रेंस करने वाला अनुमति दे।
3.होस्ट से पहले जॉइन को डिसऐबल कर दें।
4.स्क्रीन शेयरिंग का ऑप्शन सिर्फ होस्ट के पास रखें।
5.किसी व्यक्ति के लिए रिज्वाइन का ऑप्शन बंद रखें।
6.फाइल ट्रांसफर के ऑप्शन को कम से कम इस्तेमाल करें।
7.सभी के ज्वाइन करने के बाद मीटिंग को लॉक कर दें।
8.रिकॉर्डिंग फीचर को बंद कर दें।
9.अगर आप एडमिन हैं तो मीटिंग end करें न कि leave करें।
मंत्रालय का कहना है कि इनमें से ज्यादातर सेटिंग बेवसाइट पर जूम एकाउंट में लॉग-इन करने के बाद की जा सकती है। कॉन्फ्रेंस के दौरान भी फोन और लैपटॉप में ये सेटिंग की जा सकती है। हालांकि कुछ सेटिंग कुछ चैनल और मोड के जरिए ही की जा सकती है। उदाहरण के लिए लॉक मीटिंग को एडमिन की ओर से तब ही इनेबल किया जा सकता है जब मीटिंग स्टार्ट होने वाली हो।
