Gangaur – आशापूरण गवरजा माता मंड़ली के गणगौर महोत्सव का हुआ उद्घाटन

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Gangaur – सनलाइट, लिलुआ। लिलुआ की आशापूरण गवरजा माता मंड़ली के 16वें गणगौर उत्सव का उद्घाटन शुक्रवार को धूमधाम से हुआ।

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समाजसेविका रश्मि फूंमडा ने द्विप प्रज्जवलित किया। उन्होंने कहा कि गणगौर राजस्थान ही नही बल्कि अब बंगाल का भी एक महत्वपूर्ण पर्व बन चुका है।

बंगाल में जहां भी प्रवासी राजस्थानी रहते है वे गणगौर पर्व को उत्सव के रूप में मनाते है। गणगौर उत्सव में आकर यूं लगता है मानों बेटी पीहर आई हो।

मुख्य वक्ता पूजा व्यास ने कहा कि गणगौर महिलाओं का त्यौहार है परन्तु बंगाल में आकर देखा कि इस पर्व को यहां पुरूषों ने भव्य त्यौहार का रूप दे दिया है।

भदोई उत्तर प्रदेश से आईं समाजसेविका पुष्पा हर्ष ने कहा कि गणगौर राजस्थान की लोक संस्कृति में रचा बसा एक प्रमुख धार्मिक त्यौहार है जिसे कन्याएं और सुहागिने अपनी अटूट श्रद्वा के साथ मनाती आई है।

समारोह में स्मारिका का विमोचन उर्मिला बिश्नोई ने किया। मुख्य अतिथि कृष्णा पुरोहित ने गणगौर के लोकगीतों पर कहा कि यह गीत याद नहीं करने पड़ते दिल स्वयं इन्हें गाता है।

समारोहाध्यक्ष के रूप में बीकानेर के समाजसेवी राधाकिशन हर्ष ने कहा कि श्री लिलुआ आशापूरण गवरजा माता मंड़ली ने इस वर्ष के उत्सव को मातृशक्ति के रूप में पूजा है, यह देख बहुत खुशी हुई है।

इस अवसर पर लिलुआ महिला मंड़ल की सखियों द्वारा गणगौर के लोकगीतों की प्रस्तुति दी गई। प्रसिद्ध जम्मावाचक लक्ष्मीकांत व्यास ‘‘मुन्ना व्यास’’ और सूरज व्यास ने भजनों की अमृतवर्षा की। कार्यक्रम का संचालन लोकेश मोहता और राजेन्द्र पुरोहित ने किया।

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