West Bengal – रिताब्रता बनर्जी के गुट ने आज दिल्ली में चुनाव आयोग की पूरी बेंच से मुलाक़ात कर दावा किया कि वे ही ‘असली तृणमूल’ हैं।
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इसके जवाब में ममता बनर्जी के खेमे ने इस बैठक को ‘गैर-कानूनी और असंवैधानिक’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने अमित शाह के कहने पर रिताब्रता के गुट को ‘अनियमित’ तरीके से बुलाया।
‘कालीघाट तृणमूल’ ने आरोप लगाया कि अमित शाह पार्टी में टूट-फूट कराने की राजनीति कर रहे हैं। प्रेस कांफ्रेंस से सौगत रॉय ने आरोप लगाया कि राम मंदिर चंदे का इस्तेमाल इनसब कामों के लिए किया जा रहा है।
सौगत ने आरोप लगाया कि शाह असल में ज्ञानेश कुमार के ज़रिए आयोग को चलाते हैं और रिताब्रता के गुट के साथ बैठक उनके ही निर्देशों पर हुई थी।
तृणमूल के वरिष्ठ सांसद ने कहा, “अमित शाह पार्टियों को तोड़ने का खेल खेल रहे हैं। उन्होंने राम मंदिर के लिए आया चंदा भी ले लिया है; उसी पैसे का इस्तेमाल कर पार्टी में टूट-फूट कराने का खेल किया जा रहा है।
सागरिका घोष ने रिताब्रत बनर्जी के गुट को टुटफुटिया गुट बोलते हुए कहा कि एक होटल से बने एक गुट से आयोग को बैठक नियमों के खिलाफ है।
