West Bengal – बीते कल चुनाव आयोग ने जोड़ाफूल चुनाव चिह्न और और आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के नाम को उपचुनाव में इस्तेमाल के लिए फ्रीज कर दिया है।
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इसके बाद आज दोनों गुटों से नाम और चिह्न माँगा गया है। कालीघाट तृणमूल गुट ने चुनाव आयोग को पार्टी के लिए वैकल्पिक नामों और संभावित चुनाव चिह्नों का प्रस्ताव सौंपा है।
सूत्रों के अनुसार, तीन वैकल्पिक नामों का प्रस्ताव दिया गया है: इसमें ‘ऑल इंडिया तृणमूल ममता कांग्रेस’, ‘ऑल इंडिया ममता तृणमूल कांग्रेस’ और ‘ममता तृणमूल कांग्रेस’ शामिल है।
सूत्रों का यह भी दावा है कि कालीघाट गुट ने आयोग को दो वैकल्पिक चुनाव चिह्नों का सुझाव दिया है जिसमे शायद खेला होबे की भावना दिखाने का प्रयास है।
इसमें – फुटबॉल के साथ एक फुटबॉलर और एक क्रिकेट बैट शामिल है। खबरों के मुताबिक, ये तीन नाम और दो चुनाव चिह्न गुरुवार देर रात ईमेल के जरिए आयोग को भेजे गए थे। हालांकि, आयोग ने अभी तक प्रस्तावित नामों या चुनाव चिह्नों में से किसी को भी मंजूरी नहीं दी है।
कालीघाट तृणमूल सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी का लक्ष्य शुरुआती झटके से उबरने के बाद संगठन में नई जान फूंकना है; खेल से जुड़े चुनाव चिह्नों को उजागर करके, वह पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जोश भरना चाहती हैं।
West Bengal – राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रिताब्रता बनर्जी ने चुनाव आयोग को ईमेल करके वैकल्पिक नाम और चुनाव चिह्न की मांग की है।
उनका गुट ‘नेशनलिस्ट तृणमूल कांग्रेस’ या ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम से चुनाव लड़ना चाहता है। प्रस्तावित चुनाव चिह्नों में ‘लिफ़ाफ़ा’, ‘टोर्च’ और ‘ब्लैकबोर्ड’ शामिल हैं।
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्रों के लिए उपचुनाव 6 अक्टूबर को होने हैं। सभी पार्टियों ने इन सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा पहले ही कर दी है।
हालांकि, पार्टी के मालिकाना हक और चुनाव चिह्न को लेकर अनसुलझे विवाद के कारण यह स्पष्ट नहीं था कि इन निर्वाचन क्षेत्रों के लिए किस तृणमूल गुट को ‘जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न आवंटित किया जाएगा।
West Bengal – आयोग ने कालीघाट और रिताब्रत दोनों गुटों को शुक्रवार सुबह 11:30 बजे तक अपने वैकल्पिक नाम और चुनाव चिह्न जमा करने का निर्देश दिया था।
