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बर्दवान विस्फोट मामले में 4 जेएमबी आतंकवादियों को 7 साल की जेल 

बंगाल

कोलकाता। कोलकाता  स्थित विशेष एनआईए अदालत ने बर्दवान विस्फोट में  संलिप्तता के लिए बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन (जेएमबी) के चार आतंकवादियों को सात साल कैद की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

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एनआईए के प्रवक्ता ने बताया कि जियाउल हक, मोतीउर रहमान, मोहम्मद यूसुफ और जहीरुल शेख को अदालत ने सात साल जेल की सजा सुनाई है। 2 अक्टूबर 2014 को, पश्चिम बंगाल के बर्दवान के  खगरागढ़ इलाके में एक किराए के मकान की पहली मंजिल पर आईईडी फटने के कारण एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ था। जांच में विस्फोट के तार  बांग्लादेश आधारित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जेएमबी से जुड़े पाये गये थे।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारी ने कहा कि बम बनाने की गतिविधि के लिए जेएमबी सदस्यों द्वारा किराए का घर लिया गया था। धमाके में दो आतंकवादी मारे गए थे और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया था। शुरू में पश्चिम बंगाल पुलिस ने माामले की जांच शुुरू की थी लेेकि न बाद में 10 अक्टूबर 2014 को एनआईए को जांच की जिम्मेदारी दी गई। 
अधिकारी ने कहा कि जेएमबी ने भारत में अपने सदस्यों के साथ-साथ आतंकी वारदातों को अंजाम देने और भारत और बांग्लादेश की लोकतांत्रिक रूप से स्थापित सरकारों के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए हथियारों और विस्फोटकों के उत्पादन, आतंकियों की  भर्ती करने और प्रशिक्षण देने की साजिश रची थी।
मामले की जांच के दौरान बड़ी संख्या में आईईडी, विस्फोटक, हैंड ग्रेनेड, प्रशिक्षण वीडियो बरामद किए गए थे। इस मामले में विभिन्न अपराधों के लिए कुल 33 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दिया गया था, जिनमें से 31 को गिरफ्तार किया गया।
इससे पहले पिछले साल 30 अगस्त को 19 आरोपी और गत 15 जनवरी को पांच आरोपियों को दोषी ठहराया गया था और एनआईए की विशेष अदालत ने सजा सुनाई थी। शेष तीन गिरफ्तार और दो फरार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा जारी रहेगा। 
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