बेगूसराय। कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए सोशल डिस्टेंस बनाने के लिए बेगूसराय के मस्जिदों में अब सामूहिक नमाज़ नहीं अदा की जाएगी।
जिला प्रशासन, उलमा एवं बुद्धिजीवियों के संयुक्त अपील और बिहार सरकार के मुख्य सचिव के आदेश पर नगर आयुक्त अब्दुल हमीद, एडीएम ब्लागउद्दीन, पैगाम ए अमन कमेटी के अध्यक्ष मो.अहसन, जमियत उलेमा बेगूसराय के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती खालिद हुसैन नेमवी कासमी, महासचिव मौलाना मो. साबिर नेजामी कासमी, उपाध्यक्ष मुफ्ती ऐनुल हक अमिनी कासमी, सर्जन डा.जमशेद अहसन कैसर, जामा मस्जिद कचहरी के इमाम मौलाना अली हसन मोजाहरी आदि की उपस्थिति में बैैैठक में यह निर्णय लिया गया।
इमाम मौलाना अली हसन मोजाहरी ने बताया कि सर्वसम्मति से संयुक्त अपील जारी की गई है कि सोशल डिस्टेंस ही इस गंभीर और जानलेवा बीमारी से लड़ने का सबसे कारगर हथियार है। इस लिए हर तरह के सामाजिक और धार्मिक भीड़ से बचने की कोशिश करें। मजबूरी और जीवन की सुरक्षा के मद्देनजर घरों में ही पांचों वक्त की नमाज अदा करें।
साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, साबुन से हाथ धोने का लगातार काम करें। बच्चों और बुजुर्गों को घर से कतई बाहर निकलने नहीं दें और इस बीमारी से सुरक्षा के लिए सरकार की तरफ से जो निर्देश मिलती है। उसका पालन करें। मजबूरी के कारण घर में नमाज पढ़ने पर भी सामूहिक नमाज का सवाब (पूण्य) मिलेगा।
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