DA case – सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 31 मार्च तक 25% बकाया भुगतान का आदेश, आंदोलनकारियों में खुशी

बंगाल

DA Case – पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों के लिए गुरुवार सुबह सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत की खबर सामने आई है।

DA Case

लंबे समय से चल रहे महंगाई भत्ते (DA) के विवाद पर सुनवाई करते हुए आज देश की सर्वोच्च अदालत ने राज्य सरकार को कड़ा निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने समय सीमा तय करते हुए आदेश दिया है कि राज्य सरकार को आगामी मार्च महीने के भीतर बकाये डीए का 25 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारियों को भुगतान करना होगा।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि ‘रोपा रूल्स’ (ROPA Rules) के अनुसार, महंगाई भत्ता (DA) राज्य सरकारी कर्मचारियों का कानूनी अधिकार है, कोई दान नहीं।

अदालत ने साफ किया कि सरकार इसे अनिश्चित काल के लिए रोक कर नहीं रख सकती। बकाये डीए के जटिल मुद्दे को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक नई उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है।

इस कमेटी का नेतृत्व एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। यह कमेटी शेष बकाये पर विस्तृत योजना तैयार करेगी।

अदालत ने निर्देश दिया है कि मार्च तक 25 प्रतिशत भुगतान के बाद भी जो 75 प्रतिशत बकाया शेष रह जाएगा, उस पर यह कमेटी निर्णय लेगी।

कमेटी यह तय करेगी कि बकाया राशि का भुगतान किस प्रकार किया जाए और इसे कितनी किस्तों में कर्मचारियों तक पहुँचाया जाए। कमेटी सभी पक्षों से चर्चा कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

सुप्रीम कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद अब राज्य सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर आंदोलनकारी कर्मचारियों ने इसे अपनी बड़ी नैतिक जीत बताया है।

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