नई दिल्ली। दिल्ली के हेराल्ड हाउस को खाली करने का दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिया है। कोर्ट ने दो हफ्ते के भीतर हेराल्ड हाउस को खाली करने का निर्देश दिया है। पिछले 22 नवंबर को हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। पिछले 15 नवंबर को कोर्ट ने केंद्र सरकार के हेराल्ड हाउस खाली करने के आदेश पर यथास्थिति बहाल करने का आदेश दिया था।
सुनवाई के दौरान एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड(एजेएल) की तरफ से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलीलें रखीं थीं। वहीं सरकार की ओर से सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से आग्रह किया था कि वे केवल अंतरिम आदेश देने के मामले पर सुनवाई करें। हम हेराल्ड हाउस पर कब्जा करने नहीं जा रहे हैं। हम कोर्ट की कार्यवाही का इंतजार करेंगे।
पिछले 13 नवंबर को हाईकोर्ट ने हेराल्ड हाउस को कोई भी अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा कि पहले वह पूरी फाइल को पढ़ेगी उसके बाद ही कोई कार्रवाई करेगी।
केंद्र सरकार ने हेराल्ड हाउस खाली करने के लिए 15 नवंबर तक का समय दिया था। एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) ने केंद्र सरकार के 30 अक्टूबर के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। केंद्र सरकार ने पिछले 30 अक्टूबर को हेराल्ड हाउस खाली करने का आदेश दिया था। केंद्र सरकार ने हेराल्ड हाउस का लीज खत्म करने का फैसला किया। याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार का यह फैसला राजनीति से प्रेरित है। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की नेहरुवादी नीतियों के विरोध की वजह से ये फैसला लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि नेशनल हेराल्ड से संबंधित एक और मामला पटियाला हाउस कोर्ट में चल रहा है।
