Election Commission

Election Commission – विवाद के बीच चुनाव आयोग की बड़ी बैठक, CEC ज्ञानेश कुमार के साथ…

देश

Election Commission – मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद के बीच,आयोग ने आज एक बैठक की।

Election Commission

आयोग ने बैठक की तस्वीर जारी की, जिसमें ज्ञानेश कुमार बाकी दो चुनाव आयुक्तों के साथ बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं।

Election Commission – शनिवार शाम की बैठक में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न) के बारे में एक अहम फ़ैसला लिया गया।

बिहार और पश्चिम बंगाल सहित 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कोई भी व्यक्ति जिसका नाम SIR के दौरान या उसके बाद छूट गया हो वे लगातार अपडेट करने की प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवाने के लिए संबंधित ERO के पास आवेदन कर सकते हैं।

CEO को इसके लिए सुविधा देने का निर्देश दिया गया है। CEO, DEO और ERO इन मतदाताओं के नामांकन के लिए तुरंत एक विशेष अभियान शुरू करेंगे।

Election Commission – इसके लिए आयोग की बैठक में निम्नलिखित निर्णय लिए गए:
i. SIR के दौरान जिन लोगों को अनमैप्ड (unmapped) होने और तार्किक विसंगतियों (logical discrepancies) के कारण नोटिस जारी किया गया है, उनके मामले में BLOs दस्तावेज़ इकट्ठा करने के लिए उनके घर जाएंगे और उसके बाद ERO द्वारा निर्णय लेने के लिए उन्हें ECINet पर अपलोड करेंगे।

ऐसे लोगों को सुनवाई के लिए ERO/AERO कार्यालय बुलाने की आवश्यकता नहीं है। केवल असाधारण परिस्थितियों में, जैसा कि ERO द्वारा तय किया जाएगा, सुनवाई मुख्य रूप से ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। यदि आवश्यक हो, तो मतदाता परिवार के किसी भी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत कर सकता है। ऑनलाइन सुनवाई की सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।

DEOs (जिला निर्वाचन अधिकारी) आवश्यकतानुसार नाइट शेल्टर में रहने वाले लोगों, मजदूरों, गरीबों, बेघर लोगों आदि के लिए पर्याप्त संख्या में हेल्प डेस्क बनाएंगे/विशेष शिविर आयोजित करेंगे।

Election Commission – वहीं, बैठक में यह तय किया गया कि फॉर्म 6 से जुड़ा विवाद असल में कोई गंभीर मुद्दा नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने भी फॉर्म 6 में दिए गए घोषणा-पत्र की वैधता को सही ठहराया है.

फील्ड अधिकारियों के पास अपनी वैधानिक शक्तियों के अनुसार ECINET सिस्टम तक भूमिका-आधारित पहुंच (role-based access) है। वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त (DEC) की अध्यक्षता में और IIT/IIIT के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ को शामिल करते हुए एक समिति ECINET की समीक्षा करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह अधिनियमों और नियमों के प्रावधानों का अनुपालन करता है और आयोग को रिपोर्ट सौंपेगी।

Election Commission

पिछले कुछ महीनों में राज्य के CEOs से प्राप्त इनपुट के आधार पर पोर्टल में कई अपग्रेड किए गए हैं। यदि फील्ड अधिकारियों को किसी और लचीलेपन की आवश्यकता होती है, तो उसे लागू किया जाएगा। अब से, IT मॉड्यूल और पोर्टलों के बारे में सभी नई पहलों पर आयोग द्वारा अनुमोदन से पहले अधिकारियों की समिति (COO) में चर्चा की जाएगी।

कहा गया कि हाल के महीनों में, आयोग ने देश भर में SIR (विशेष पुनरीक्षण) सहित कई फैसले लिए हैं। SIR के लिए आदेश 24.6.2025 को सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जारी किया गया था – जिसकी शुरुआत बिहार से हुई, उसके बाद पश्चिम बंगाल और 30 अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए आदेश जारी किए गए – और इन सभी को आयोग की सर्वसम्मत मंज़ूरी मिली थी।

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने भी 27.5.2026 के अपने आदेश में इसे सही ठहराया है। 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए SIR का शेड्यूल 27.10.2025 को जारी किया गया था और 19 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए शेड्यूल 14.05.2026 को आयोग की सर्वसम्मत मंज़ूरी से जारी किया गया था।

मतदाताओं की संख्या का अंतिम आंकड़ा तीसरे चरण (Phase-III) के बचे हुए 12 राज्यों में अंतिम प्रकाशन के बाद ही पता चलेगा।

Election Commission – उल्लेखनीय है कि द इंडियन एक्सप्रेस की हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि बाकी दो आयुक्त SIR के संबंध में ज्ञानेश कुमार द्वारा उठाए गए कई कदमों से सहमत नहीं थे और उन्होंने अपनी असहमति भी जताई थी।

इससे इस मुद्दे पर कुमार और उनके सहयोगियों के बीच मतभेद की अटकलें लगने लगी थीं। इसी माहौल में उनकी एक साथ वाली यह तस्वीर सामने आई है।

Share from here