गोकूलधाम गोशाला में गोधडी गांव के लोगो ने दिया पिलिया

सामाजिक
Please Help Save Daughter Priyanka Kumari

झज्जर गुरूग्राम रोड़ पर गाेकुल धाम में एक कामधेनू गाय द्वारा पैदा की गई बछिया के जन्मोत्वस की खुशी को इस तरह मनाया गया जैसे घर में बच्चे के जन्म पर पिलिया की रस्म होती है।

गोकुलधाम गोशाला में पिछले दिनों कामधेनू गाय के ने एक बछिया का जन्म दिया था। जिसके जन्म के बाद पिलिया की रस्म में 11 गांव के लोगो ने पिलिया देने का काम किया गया।

जिसमें महिलाओ के द्वारा गीत व भजनो के साथ जमकर नाची और कामधेनू गाय के सिर पर मटका रखकर और बछिया को साथ लेकर गोकूलधाम की फेरी लगाई गई।

उसके बाद सभी महिलाओ व लोगो ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया गया।

जहां तक बच्चे के पैदा होने पर ये रस्म को किया जाता था। लेकिन आज जैसे लड़की के होने पर कुआ पुजन किया जाता है। वेसे ही गाय को बछिया पैदा होने के बाद ढोल नगाड़ो के साथ खुशी में झुमते नाचते हुए महिलाओ ने कुआ पुजन की रस्म तक पुरी की गई।

जैसे जच्चा महिला के सिर पर मटका रखकर कुआ पुजन किया जाता है। उसी प्रकार से कामधेनू गाय के सिर पर मटका रखकर गोकूलधाम की फैरी लगाने पर खुशी जताई गई। महिलाओ के द्वारा कामधेनू गाय के पैरो पर हाथ लगाकर आर्शिवाद लिया।

गोकूलधाम के संचालक सुनील निमाणा ने बताया आयोजित किए गए इस दशोठन के कार्यक्रम से ठीक पांच दिनों पूर्व गौशाला प्रांगण में ब्राह्मण मंत्रोचार के बीच एक बार फिर से महामृत्यूजंय मंत्रों का जाप शुरू कराया गया।

शहर क्या शायद ही किसी शहर या किसी गांव में गोशाला में ऐसे कार्यक्रम को किया गया हो ।जो कामधेनू गाय को देखने के लिए लोग बहार से भी देखने के लिए आते है।

इस पीलिए की रस्म में मुख्य भूमिका गांव गोधडी द्वारा अदा की गई। महिलाओं ने पीलिया दिए जाने की रस्म पर मांगलिक गीत गाए और एक-दूसरे को बंधाई दी।

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