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गोपाष्टमी पर शिविरों में पूजी जाएंगी गौमाताएँ

कोलकाता

सनलाइट, कोलकाता, (नि.प्र)। सनातन धर्म में गाय का विशेष स्थान है। माना जाता है कि गाय में सभी देवी देवताओं का वास होता है। गोपाष्टमी के दिन गौ पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। इस साल गोपाष्टमी मंगलवार एक नवम्बर को है।

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कोलकाता महानगर सहित हावड़ा, लिलुआ, रिषडा, हिंदमोटर आदि क्षेत्रों में विभिन्न संस्थाओं द्वारा गौपूजन केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर लोग गौपूजन कर सकते हैं। गौसेवा में अग्रणी भूमिका निभाने वाली महानगर की 138 वर्ष पुरानी कलकत्ता पिंजरापोल सोसायटी इस क्षेत्र में सेवा कार्य करते आ रही है।

सोदपुर स्थित कामधेनु गौशाला के सचिव रमेश बेरीवाल ने बताया कि गोपाष्टमी के दिन गौपूजन के लिए सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक  विभिन्न जगहों में गौपूजन हेतु शिविर लगाए जाएंगे।

प्रचार प्रसार का कार्य सम्भाल रहे सुरेंद्र चमड़िया ने बताया कि इस साल 110 जगहों पर स्थानीय लोग इन शिविरों में जा कर सुबह गौपूजन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में संस्था द्वारा प्रदेश में लिलुआ, सोदपुर, कल्याणी सहित कुल पांच जगहों पर गौशालाएं संचालित हो रही है जहां 7000 गौवंश की सेवा होती है।

सुरेंद्र ने बताया कि इसके अलावा संस्था द्वारा गौवंशों के लिए एक अस्पताल भी संस्था द्वारा चलाया जा रहा है जहाँ गायों की निःशुल्क चिकित्सा की जाती है। हरियाणा जागृति संघ के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बताया कि गोपाष्टमी के अवसर पर चाकुलिया गौशाला में लगभग 350 गौपालकों के बीच वस्त्र वितरण किया जाएगा तथा प्रसाद भी बनाया जाएगा। इस अवसर पर गौमाता के लिए दलिया का लड्डू भी बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर घनश्याम गुप्ता, दयानन्द हलवासिया सहित कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि हमारी पूरी टीम गौसेवा के लिए सक्रिय हैं।

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