हे री सखी मंगल गाओ री गीत से गूँजा सत्संग भवन

सामाजिक

सनलाइट, कोलकाता। श्रीकृष्ण योग ट्रस्ट और कोलकाता पुष्करणा समाज द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा और योग के संयुक्त आयोजन के छठे दिन भागवताचार्य ने गोवर्धन की कथा, कृष्ण और गोपीयों की रास लीला, रुक्मणि विवाह प्रसंग बताया।

भागवताचार्य नारायण वशिष्ठ ने गोपी गीत, मंगल गीत से भक्तों को भाव विभोर कर दिया।

कथा के दौरान भगवताचार्य ने कहा कि कृष्ण का चरित्र श्रवणीय है और राम का अनुकरणीय है।

भागवताचार्य ने कथा के अंतिम दिन के श्रवण के महत्त्व को बताते हुए भक्तो से कहा कि वे जरूर अंतिम दिन की कथा का श्रवण करें, इससे दशांश का फल मिलता है।

कथा में आए चंद्रशेखर बासोटिया, पंकज सिंघानिया, नंदकिशोर तोषावड, विनोद पाटनी, शिवरतन डालमिया का सम्मान मुकेश व्यास ने अंगवस्त्र पहना कर किया।

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