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होलिका दहन मुहूर्त — बंगाल से राजस्थान तक है भिन्नता

धर्म - कर्म

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सनलाइट। साल 2023 में होली के पर्व को मनाने के दिन और मुहूर्त को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति है। कुछ विद्वानों के मतानुसार 6 मार्च की मध्य रात्रि को होलिका दहन का शुभ मुहूर्त बताया जा रहा है वहीं कुछ विद्वानों द्वारा ज्योतिषीय गणना के आधार पर होलिका दहन का श्रेष्ठ मुहूर्त सात मार्च को संध्या 5:42 से लेकर 6:10 बजे तक है। रिसर्च सेंटर ऑफ ऐस्ट्रो मेडिकल के ज्योतिष प्रभाकर डॉ राकेश व्यास ने इस सम्बंध में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बताया कि सभी की अपनी अपनी गणना है। डॉ व्यास ने बताया कि सात मार्च को ही होलिका दहन शास्त्र सम्मत होगा। उन्होंने बताया कि होलिका दहन सूर्य की उपस्थिति में नही होता है साथ ही पूर्णिमा भद्रा रहित होनी चाहिए। सनातन धर्म में उदया तिथि मानी जाती है और इसके अनुसार सात मार्च को यह तिथि रहेगी। पंचांग आधारित गणना का उल्लेख करते हुए व्यास ने बताया कि चूंकि कोलकाता में शाम 5:42 मिनट पर सूर्यास्त हो रहा है और दहन के लिए आवश्यक प्रदोष काल इस दिन शाम छह बजकर नो मिनट तक है इसलिए इस अवधि में होलिका दहन का सर्वोच्च शुभ मुहूर्त है। उन्होंने बताया कि राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र आदि जिन राज्यों में सूर्यास्त देर से होता है वहां सात मार्च को पूर्णिमा तिथि सूर्यास्त से पहले खत्म हो रही है इसलिए इन जगहों पर छह मार्च को होलिका दहन होगा।

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