INDIA Bloc meeting – बुधवार को दिल्ली में INDIA ब्लॉक की एक बैठक दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई।
INDIA Bloc meeting
जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग लाने के मुद्दे पर चर्चा की गई। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्तर पर BJP के खिलाफ रणनीति बनाना और विपक्ष की एकता को मजबूत करना है।
करीब तीन घंटे बातचीत हुई, जिसमें 20 दल शामिल रहे। इसके बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि चुनाव आयोग कठपुतली की तरह काम कर रहा है।
इसके खिलाफ 20 विपक्षी दल मिलकर छह अक्टूबर से हर जिले में ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ करेंगे। खड़गे ने कहा कि विरोध में आम लोग, युवा, INDIA गठबंधन, NGO और एकता व लोकतंत्र के लिए काम करने वाले संगठन शामिल होंगे।
2-8 अक्टूबर – जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ और DM ऑफिस के बाहर प्रदर्शन। 6 अक्टूबर – सभी विपक्षी सांसद ECI (चुनाव आयोग) तक मार्च करेंगे।
तीसरा कार्यक्रम – अक्टूबर का दूसरा हफ़्ता – विपक्षी नेता भारत के राष्ट्रपति से मुलाक़ात का समय (अपॉइंटमेंट) लेंगे। चौथा कार्यक्रम – विपक्ष की पांच बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी।
राहुल गांधी ने कहा, ‘हमारी बातचीत बहुत अच्छी रही. BJP, अमित शाह, पीएम मोदी और ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र पर हमला कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि BJP, पीएम मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र पर कब्जा कर लिया है।हम इसे चुपचाप बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम यह पक्का करेंगे कि लोकतंत्र को बर्बाद करने वालों को सजा मिले।
INDIA ब्लॉक की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने कहा कि हम सब एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा।
ममता बनर्जी ने कहा कि ये आन्दोलन और बड़ा होगा। देश को बचाने के लिए आर जान खतरे में जाए तो भी लड़ेंगे और जीतेंगे।
इस बैठक में आम आदमी पार्टी (AAP) और DMK जैसी पार्टियां बैठक में शामिल नहीं हुईं; यहां तक कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी बैठक में नहीं आए।
गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने ही सबसे पहले विपक्ष को एकजुट करने की पहल की थी। उन्होंने इस मामले पर राहुल गांधी और अखिलेश यादव जैसे नेताओं से बातचीत की थी।
हालांकि, बाद में विपक्ष की एकता में रुकावट आ गई। समाजवादी पार्टी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों में व्यस्तता के कारण अखिलेश बैठक में शामिल नहीं हो सके।
INDIA Bloc meeting – AAP और DMK जैसी पार्टियों ने भी बैठक से दूरी बनाए रखी। यह ध्यान देने वाली बात है कि उत्तर प्रदेश में सीट-शेयरिंग को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच खींचतान चल रही है।
