Kasba – रॉबिन्सन स्ट्रीट जैसी घटना फिर शहर में देखने को मिली है। जहां बेटी अपने पिता के सड़े-गले शव के साथ एक बंद कमरे में थी।
Kasba
घटना कस्बा के बोसपुकुर की है। मृतक की पहचान सुमित सेन (64) के तौर पर हुई है। शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
अभी यह पता नहीं चला है कि सुमित की मौत कब और कैसे हुई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हालांकि, शुरू में उन्हें पता चला है कि परिवार के तीनों सदस्य लंबे समय से मानसिक परेशानी से जूझ रहे थे।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, सुमित अपनी पत्नी अर्चना सेन और बेटी संप्रीति सेन के साथ बोसपुकुर में घर के पहले तल्ले पर रहते थे।
वह एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। रिटायरमेंट के बाद से घर से ज्यादा बाहर नहीं निकलते थे। पिछले तीन दिनों से सुमित के परिवार का कोई भी सदस्य घर के बाहर नहीं दिखा।
घर का दरवाजा बंद था। इससे स्थानीय लोगों को शक हुआ। उन्होंने कस्बा इलाके में सेन परिवार के एक रिश्तेदार को फोन करके मामले की जानकारी दी।
रिश्तेदार ने संप्रीति को फोन करके परिवार के बारे में पूछा। पता चला है कि संप्रीति बार-बार फोन पर कहती थी कि उसके माता-पिता ठीक हैं।
सोमवार को रिश्तेदार और पड़ोसी सुमित के घर गए। दरवाजा अंदर से बंद था। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार खटखटाने के बाद भी किसी ने दरवाजा नहीं खोला।
इसके बाद उन्होंने कस्बा पुलिस स्टेशन को सूचना दी। पुलिस दरवाजा तोड़कर घर में घुसी तो देखा कि व्यक्ति का शव पड़ा था।
उसके पास उसकी बेटी बैठी हुई थी। घर से बदबू आ रही थी। मृतक की पत्नी भी अचेत अवस्था में थी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
