गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा को बसपा सुप्रीमो मायावती ने अति दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने केन्द्र सरकार से इसे अति गम्भीरता से लेने के साथ तीनों नये कृषि वापस लेने की पुनः अपील की है।
इसी तरह समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी हालात के लिए भाजपा सरकार को कसूरवार ठहराते हुए कृषि कानून तत्काल रद्द करने की मांग की है।
मायावती ने बुधवार को कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में कल गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की हुई ट्रैक्टर रैली के दौरान जो कुछ भी हुआ, वह कतई भी नहीं होना चाहिए था। यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण तथा केन्द्र की सरकार को भी इसे अति-गंभीरता से ज़रूर लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, बसपा की केन्द्र सरकार से पुनः यह अपील है कि वह तीनों कृषि कानूनों को अविलम्ब वापस लेकर किसानों के लम्बे अरसे से चल रहे आन्दोलन को खत्म करे ताकि आगे फिर से ऐसी कोई अनहोनी घटना कहीं भी न हो सके।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने जिस प्रकार किसानों को निरन्तर उपेक्षित, अपमानित व आरोपित किया है, उसने किसानों के रोष को आक्रोश में बदलने में निर्णायक भूमिका निभायी है। अब जो हालात बने हैं, उनके लिए भाजपा ही कसूरवार है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी मानते हुए कृषि-क़ानून तुरंत रद्द करे।
