शुभेंदु अधिकारी ने आज दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस की। कांफ्रेस की शुरुआत में उन्होंने कहा कि सीएम ममता बनर्जी 29 और 30 को धरने पर बैठेंगी। उन्होंने 30 मार्च रामनवमी का दिन धरने के लिए चुना। उन्होंने कहा कि रामनवमी का दिन सनातनियों के लिए अहम है। उस दिन सीएम ने छुट्टी भी नहीं दी बल्कि उसी दिन धरना देने का निश्चित किया। इसके आगे उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तमाम केंद्रीय योजना का नाम बदल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बार बार कहती है कि उन्हें केंद्र से फंड नहीं मिल रहा है। जबकि निर्मला सीतारमण ने कहा था कि डिमांड पर 90 % जीएसटी राज्य सरकार को दिया गया। ऑडिट रिपोर्ट नहीं देने के कारण 100 % रूपए नहीं मिले हैं। उनके साथ लॉकेट चटर्जी भी प्रेस कांफ्रेंस में थीं। उन्होंने कहा कि जब मनरेगा जब शुरू हुआ तो बंगाल में मनरेगा में काम करने वालों की संख्या 3 करोड़ 60 लाख थी। जब आधार से लिंक करने को कहा गया तब बंगाल में 1 करोड़ लोगों के नाम हटा दिए गए। उसमें भी 96% को लिंक किया। जिन 1 करोड़ के नाम हटाया गया उसके खिलाफ पिछले 10 सालों में बंगाल सरकार ने हजारों करोड़ो रूपये केंद्र से लिए जा चुके थे। उन्होंने कहा कि जो सीएम बोलती है पैसा नहीं है उनके छोटे से युवा नेता के पैसा कितनी संपत्ति मिल रही है।
रामनवमी पर छुट्टी न देकर, ममता बनर्जी ने धरना देने का फैसला किया – शुभेंदु अधिकारी
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