चंडीगढ़। दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठजोड़ की अटकलों से पंजाब व हरियाणा में समीकरण बदलते नज़र आ रहे है। हालांकि पंजाब और हरियाणा कांग्रेस पार्टी हाई कमान को अपने बलबूते पर लोक सभा चुनाव लड़ने का सुझाव दे चुके है , परन्तु दोनों दलों की ताजा बैठक को लेकर पंजाब और हरियाणा कांग्रेस के नेता निराशा के आलम में है।
आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई ने भी इस नई तब्दीली की सम्भावना को लेकर दोपहर बाद बैठक करने का निर्णय लिया है। काबिले -जिक्र है कि पंजाब में कांग्रेस 13 में से अपने 6 उमीदवार और आम आदमी पार्टी अपने 8 प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर चुकी है। हालांकि दोनों ही पार्टियों के नेता अपने उम्मीदवारों के न बदले जाने की बात कर रहे है , परन्तु कोई भी इस बात को विश्वास से कहने की स्थिति में नहीं है।
करीब दो माह से दिल्ली , हरियाणा और पंजाब में कांग्रेस का पार्टी से गठजोड़ की बाते चली आ रही है, परन्तु कोई बात सिरे नहीं चढ़ सकी। शायद यही कारण था कि पंजाब में ‘आप ‘ ने कांग्रेस के अतिरक्त अन्य दलों से गठजोड़ की बात तो की , परन्तु किसी बात को अंतिम स्थिति में नहीं आने दिया।
हालांकि शुक्रवार की सुबह दोनों पार्टियों में दिल्ली में चली बैठक में किसी अंतिम निर्णय पर पुहंचने की बात तो बाहर नहीं आई , परन्तु चर्चाएं है कि दिल्ली की 7 सीटों में से ‘आप ‘ 4 पर और कोंग्रस 3 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। इसके साथ ही हरियाणा और पंजाब में भी गठजोड़ की चर्चा बराबर ही चल पड़ी है। ऐसा कम जान पड़ रहा है कि दोनों पार्टियों का समझौता हो और सिर्फ दिल्ली तक हो , जबकि आप के संयोजक अरविन्द केजरीवाल हरियाणा को लेकर को कह चुके है कि अगर कांग्रेस साथ दे तो गठजोड़ हरियाणा की सभी 10 सीटें जीत सकता है।
