भारतीय जनता पार्टी के एक नेता की सुरक्षा में तैनात रहने वाले पूर्व सैनिक सिख बलविंदर सिंह की पगड़ी खींचे जाने और उन्हें बर्बर तरीके से पीटने के मामले में पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने रुख पर अडिगता जताई है।
राज्य गृह विभाग की ओर से रविवार को एक के बाद एक तीन ट्वीट किया गया है जिसमें बलविंदर सिंह के साथ हुई बर्बरता पर कोई सफाई नहीं दी गई है। उल्टे यह कहा गया है कि वह अपने समुदाय से अलग-थलग थे और उनके साथ जो कुछ भी किया गया वह कानून के मुताबिक किया गया है।
अपने ट्वीट में गृह विभाग ने भाजपा का नाम लिए बगैर यह भी दावा किया है कि एक राजनीतिक पार्टी इस मामले को गलत तरीके से तोड़-मरोड़ कर सांप्रदायिक रंग दे रही है।
तीन ट्वीट में गृह विभाग ने लिखा है कि पश्चिम बंगाल में हमारे सिख भाई और बहन पूर्ण शांति और सद्भावना से रहते हैं। अपनी सभी आस्थाओं और प्रथाओं का पालन सम्मान के साथ करते हैं। हाल की एक घटना में एक अलग थलग व्यक्ति को पकड़ा गया था क्योंकि वह एक आंदोलन में गैरकानूनी तरीके से हथियार लेकर आंदोलनकारियों के बीच पहुंचा था। इस मामले को गलत तरीके से मोड़ा जा रहा है और उसे विकृत कर सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है ताकि इसका लाभ उठाया जा सके।
एक राजनीतिक दल पक्षपात पूर्ण हित में इस विषय को सांप्रदायिक रंग दे रहा है। यह कुछ ऐसा करने जैसा है जिसमें बंगाल के लोग विश्वास नहीं करते जो कुछ भी किया गया वह कानून के मुताबिक किया गया है लेकिन सिख पंथ के लिए बंगाल सरकार का सर्वोच्च सम्मान हमेशा रहा है।
