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PM Modi – परिवर्तन इतना ज़रूरी क्यों है ये बैरकपुर के लोगों से बेहतर कोई नहीं समझता – पीएम मोदी

बंगाल

PM Modi – प्रधानमंत्री मोदी ने आज भाटपारा से सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 1857 में, इसी बैरकपुर ने आज़ादी की पहली लड़ाई को चिंगारी दी थी। आज, यह धरती बंगाल में बदलाव का रास्ता बना रही है।

PM Modi

पीएम ने कहा कि इस चुनाव प्रचार की ये मेरी आखिरी रैली है। बंगाल में मैं जहाँ भी गया हूँ और लोगों का मिज़ाज देखकर मैं इस पक्के विश्वास के साथ यहाँ से जा रहा हूँ कि, 4 मई को, मैं निश्चित रूप से भाजपा के शपथ ग्रहण समारोह के लिए यहाँ वापस आऊँगा।

PM Modi ने कहा कि बैरकपुर के लोगों से बेहतर कोई नहीं समझता कि परिवर्तन इतना ज़रूरी क्यों है। बैरकपुर एक ऐसी जगह जहाँ कभी बाहर से लोग काम की तलाश में आते थे अब एक ऐसी जगह बन गई है जहाँ से लोग भाग रहे हैं।

उन्हें यहाँ से जाने पर मजबूर किया जा रहा है। कभी यहाँ की हवा में फ़ैक्टरी की मशीनों की गूंज सुनाई देती थी; आज यहाँ गोलियों की आवाज़ गूंजती है। बैरकपुर पर बुरा वक़्त आ गया है। जूट मिलें और कपड़ा फ़ैक्ट्रियाँ, एक के बाद एक बंद होती जा रही हैं।

अकेले बैरकपुर के इंडस्ट्रियल बेल्ट में ही, पिछले कुछ महीनों में एक दर्जन जूट मिलें बंद हो चुकी हैं। आप लोगों की रोजी-रोटी खत्म होती जा रही है, जबकि गुंडों और उनकी बम बनाने वाली फ़ैक्ट्रियों की कमाई के ज़रियें फल-फूल रहे हैं। तृणमूल सिंडिकेट की दुकानें बढ़ती जा रही हैं। यही उनका ‘जंगल राज’ है।

PM Modi ने कहा कि इस चुनाव के दौरान, मैं कुछ अलग ही अनुभव कर रहा हूँ। चिलचिलाती गर्मी के बावजूद, बंगाल में प्रचार करते समय मुझे थकान का ज़रा भी एहसास नहीं होता। रोड शो आधिकारिक तौर पर खत्म होने के बाद भी भीड़ बनी रहती है।

मेरे लिए, ये रोडशो महज़ राजनीतिक कार्यक्रम नहीं हैं; ये तीर्थयात्राएँ हैं। मैं माँ काली के भक्तों के बीच रहा हूँ, और उन्होंने मुझे अपने प्यार से अपना लिया है।

PM Modi ने कहा कि बंगाल के लोगों का यह असीम प्यार जिन्हें मैं ईश्वर का ही रूप मानता हूँ मेरी सबसे बड़ी दौलत है। मैं हर किसी की आँखों में स्नेह की झलक देखता हूँ। सचमुच, यही मेरे जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है।

जब मैं लोगों को मुझे देखकर भावुक होते हुए और रोते हुए देखता हूँ, तो मैं भी अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाता। रोडशो और जनसभाओं से लौटने के बाद भी, आपके शब्द मेरे कानों में गूँजते रहते हैं।

कल ही, एक रैली के दौरान, मैंने देखा कि एक छोटी बहन बैरिकेड तोड़कर आगे आने की कोशिश कर रही थी। सुरक्षा गार्डों के साथ उसकी थोड़ी कहा-सुनी भी हो गई। वह सुबह-सुबह ही कार्यक्रम स्थल पर पहुँच गई थी, और अपने बच्चों से कह कर आई थी, ‘जब तक मैं उनसे मिल नहीं लूँगी, तब तक वापस नहीं आऊँगी।’

PM Modi – मैं उस बहन से तहे दिल से माफ़ी माँगता हूँ; मैं उससे मिल नहीं पाया। मैं उसकी आस्था का बहुत सम्मान करता हूँ। हम कभी न कभी ज़रूर मिलेंगे, आज नहीं तो कल। उसका आशीर्वाद और आप सभी का आशीर्वाद हमेशा मुझ पर बरसता रहेगा।”

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