कोलकाता। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर कोलकाता में हुए हमले को लेकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया है।
गुरुवार अपराह्न राज्यपाल ने ट्विटर पर लिखा है कि भाजपा अध्यक्ष की गाड़ी पर हमले की घटना से चिंतित हूं। यह इस बात का संकेत है कि राज्य में अराजकता चरम पर है और कानून व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल हो चुकी है। यह सब कुछ सत्तारूढ़ पार्टी के उपद्रवियों और राजनीतिक रूप से नियंत्रित पुलिस की मिलीभगत से हुआ है। आज सुबह ही मैंने राज्य के मुख्य सचिव (सीएस) से इस बारे में बात की थी और कहा था कि डायमंड हार्बर के एसपी को निर्देश दिया जाए कि वह लोक सेवक के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें, ना कि राजनीति से प्रेरित होकर। उन्होंने (सीएस) बाद में मुझे जवाब देकर यह बताया भी था कि उन्होंने एसपी को निर्देशित कर दिया है। बावजूद इसके इस तरह के हमले हुए हैं जो इस बात के संकेत हैं कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। पुलिस राजनीतिक तौर पर नियंत्रित हो रही है और संवैधानिक मूल्यों को परे रख दिया गया है।
राज्यपाल ने यह भी कहा है कि जो लोग भी इसमें शामिल हैं उन्हें निश्चित तौर पर इसका परिणाम भुगतना होगा। गुरुवार दोपहर जेपी नड्डा जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के संसदीय क्षेत्र में सभा को संबोधित करने के लिए जा रहे थे तब उनकी गाड़ी के साथ-साथ काफिले में शामिल भाजपा के अन्य नेताओं की गाड़ियों पर ईंट पत्थर से हमले किए गए हैं।
