बीते दो महीनों से नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। इस बीच गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया है।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के नेता वीएम सिंह ने भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत पर गंभीर आरोप लगाते हुए खुद और अपने संगठन को इस आंदोलन से अलग करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि हम अपना आंदोलन यहीं खत्म करते हैं। हमारा संगठन इस आंदोलन से अलग है।
चिल्ला बॉर्डर पर धरना दे रहे भाून गुट ने भी धरना खत्म करने का ऐलान कर दिया है। यह गुट भी किसान आंदोलन इसलिए खत्म कर रहा क्योंकि कल दिल्ली में हुई हिंसा के बाद जो लाल किले पर दूसरे रंग का ध्वज फहराया गया यह गलत था। इसके बाद इस गुट ने इसे गलत बताते हुए धरना खत्म करने के लिए कोर कमेटी की बैठक जिसके बाद यह खत्म किया है।
