बीकानेर। देश के पुष्करणा ब्राह्मण समाज का राष्ट्रीय सामूहिक शादीयों का आयोजन ‘सावा’ बीकानेर में 18 फरवरी 2022 को होना तय हो गया है। व्यासों की सावा कमेटी द्वारा शिव मंदिर में इसके लिये समाज के विद्वानों का शास्त्रार्थ रखा गया जो देर रात 5 घण्टे तक चला,फिर सामुहिक निर्णय 18 फरवरी का हुआ। सावा कमेटी द्वारा ओलम्पिक ‘सावा’ कार्यक्रम की विस्तृत सूची धन त्रयोदशी को जारी की जाएगी।
इस बार लग्न पत्रिका में हर दूल्हे का नाम भवानीशंकर और दुल्हन का नाम अम्बिका रहेगा
आपको बतादें कि इस सावा में दूल्हा विष्णु गणवेश व हर दुल्हन लक्ष्मी स्वरूप में होती है। गोधूलि लग्न में दूल्हा शादी के लिये पैदल नंगे पांव जाता है। बेंड बाज़ों का कोई स्थान नहीं। पूरा बीकानेर शहर परकोटा ही एक पंडाल नजर आता है। एक ही दिन गोधूलि मुहूर्त में सेकड़ो शादियां होती है। इस बार लग्न पत्रिका में हर दूल्हे का नाम भवानीशंकर और दुल्हन का नाम अम्बिका रहेगा।
दीपावली के बाद अच्छे मुहूर्त में होगी सावा गतिविधियां शुरू
ओलंपिक शादियों के इस सामूहिक आयोजन को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने वाली तथा सेवा सस्कृति से जुड़ी हर सुविधा निः शुल्क देने वाली सामाजिक संस्था ‘रमक झमक’ के अध्यक्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरु’ के अनुसार सावा तिथि व्यास जाति की सावा कमेटी द्वारा घोषणा के साथ ही रमक झमक द्वारा सावा सेवा व सुविधा के साथ विश्व स्तर पर प्रचार प्रसार व लोगों को जोड़ने का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस बार दीपावली के बाद अच्छे मुहूर्त में सावा गतिविधियां शुरू कर दी जाएगी।
इस बार तीन बिंदुओं पर विशेष काम किया जाएगा
हर बार कि तरह इस बार भी परम्परागत विष्णु रूप में ब्याह करने वालें दूल्हों का बारह गुवाड़ चौक में सम्मान करेगी। रमक झमक के अध्य्क्ष प्रहलाद ओझा ‘भैरु’ ने बताया कि शादी ओलंपिक में इस बार विशेष तौर पर तीन बिंदुओं पर विशेष काम किया जाएगा। जिसमें विश्व स्तर पर सजातीय बन्धुओं से शादी ओलम्पिक परम्परा की अवधि को लेकर एवं तिथि घोषणा पर विश्व पुष्करणा समाज से विभिन्न माध्यमों से सुझाव आमंत्रित करेगी।
दूसरा यह कि पुष्करणा के अलावा देश के लगभग हर समाज के लोग भी इस बार बड़े स्तर पर जुड़े इसका प्रयास करेगें। तीसरा यह कि सावा में अधिक से अधिक तथा परम्परागत वेश में ही शादियां हो इसके लिये रमक झमक युवाओं को प्रेरित करेगी और उत्साहवर्द्धन के कदम उठाएगी।
