भाई दूज पर इस शुभ मुहूर्त में करें भाई को टीका

धर्म - कर्म
Please Help Save Daughter Priyanka Kumari

भाई दूज या भैया दूज पर्व को भाई टीका, यम द्वितीया, भ्रातृ द्वितीया आदि नामों से कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाता है। यह तिथि 06 नवम्बर 2021को है ।

भाई दूज के शुभ मुहूर्त 

रिसर्च सेंटर ऑफ ऐस्ट्रो मेडिकल के ज्योतिष प्रभाकर डॉ राकेश व्यास ने तिलक लगाने की जानकारी देते हुए बताया कि टीका का शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त- सुबह 10:58 से दोपहर 11:42 तक

विजय मुहूर्त- दोपहर 01:12 से 01:57 तक
अमृत काल मुहूर्त- दोपहर 02:26 से 03:51 तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम 04:45 से 05:09 तक
सायाह्न संध्या मुहूर्त- शाम 04:56 से 06:13 तक
निशिता मुहूर्त- रात्रि 10:55 से 11:46 तक है।

भाई दूज का महत्व

मान्यताओं अनुसार इस दिन मृत्यु के देवता यमराज अपनी बहन यमुना के अनेकों बार बुलाने के बाद उनके घर गए थे। यमुना ने यमराज को भोजन कराया और तिलक कर उनके खुशहाल जीवन की प्रार्थना की। प्रसन्न होकर यमराज ने बहन यमुना से वर मांगने को कहा।

 

यमुना ने कहा आप हर साल इस दिन मेरे घर आया करो और इस दिन जो बहन अपने भाई का तिलक करेगी उसे आपका भय नहीं रहेगा। यमराज ने यमुना को आशीष प्रदान किया। कहते हैं इसी दिन से भाई दूज पर्व की शुरुआत हुई।

भाई दूज के दिन ही भगवान श्री कृष्ण नरकासुर राक्षस का वध करके द्वारिका लौटे थे और तब बहन सुभद्रा ने उन्हें विजयी तिलक लगाकर उका फल, फूल, मिठाई और अनेकों दीये जलाकर स्वागत किया था। साथ ही उनकी दीर्घायु की कामना की थी। इसीलिए इस दिन यम देवता और श्रीकृष्ण की पूजा करने का महत्व है। भाई दूज का पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और स्नेह का प्रतीक है।

इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी आयु और सुख समृद्धि की कामना करती है। वहीं भाई शगुन के रूप में बहन को उपहार देता है।

Share from here