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Digital Arrest – डिजिटल अरेस्ट मामले में कोलकाता पुलिस ने दिल्ली से की गिरफ्तारी, 47 लाख

कोलकाता दिल्ली

Digital arrest – डिजिटल अरेस्ट कर पैसों की हेराफेरी के मामले में कोलकाता पुलिस ने इस एक सरगना को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है।

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Digital Arrest

गिरफ्तार व्यक्ति का नाम योगेश दुआ है। योगेश को पूछताछ के बाद शुक्रवार देर रात दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।

बताया गया कि “देश भर के विभिन्न पुलिस थानों में इस व्यक्ति के खिलाफ पहले से ही सैकड़ों Digital Arrest के मामले दर्ज हैं। कोलकाता पुलिस के साइबर अपराध विभाग के जासूस उसे अपनी हिरासत में लेना चाहेंगे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति के पास से कई विदेशी सिम कार्ड और विभिन्न लोगों के पते भी बरामद किये गये हैं।

पता चला है कि कोलकाता पुलिस खुफिया विभाग भी इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस के साथ नियमित बैठकें कर रहा है। हाल ही में कोलकाता के अलावा कई जिलों में Digital Arrest से जुड़ी धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं।

अन्य राज्यों में Digital Arrest धोखाधड़ी का शिकार होने वाले लोगों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इस मामले में अधिकतर वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है।

हाल ही में गोल्फग्रीन थाना क्षेत्र में डिजिटल गिरफ्तारी की घटना घटी। गोल्फ ग्रीन के एक निवासी ने इस घटना के संबंध में कोलकाता पुलिस के साइबर सेल में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

Digital Arrest – आरोप है कि साइबर अपराधियों ने उन्हें धमकाकर उनसे करीब 47 लाख रुपये ठग लिए। लालाजार के मुताबिक फरवरी की शुरुआत में गोल्फ ग्रीन इलाके में रहने वाले को एक कॉल आया जिसमें खुद को दिल्ली पुलिस से होने का दावा किया गया।

फोन कॉल में कहा गया कि गल्फ ग्रीन में रहने वाले एक मध्यम आयु वर्ग के जोड़े को डिजिटल रूप से गिरफ्तार किया गया है। अगर दंपत्ति को अपना रास्ता निकालना है और अपने सभी मामले वापस लेने हैं तो उन्हें जालसाजों द्वारा भेजे गए बैंक खाते में 47 लाख रुपये देने होंगे।

लालबाजार सूत्रों के अनुसार दंपत्ति ने डर के मारे उस खाते में 47 लाख रुपये भेज दिए। परिणामस्वरूप उन्हें 47 लाख रुपए का नुकसान हुआ। बाद में वह व्यक्ति पुलिस स्टेशन गया और शिकायत दर्ज कराई।

कोलकाता पुलिस खुफिया विभाग ने गोल्फ ग्रीन घटना की जांच के बाद डिजिटल गिरफ्तारी के नेताओं में से एक को दिल्ली से गिरफ्तार किया। पुलिस ने दिल्ली में छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण वस्तुएं भी बरामद की हैं।

उनके फ्लैट से दो मोबाइल फोन, दो हार्ड डिस्क, एक लैपटॉप, चार एटीएम कार्ड और दो पैन कार्ड बरामद किए गए। 1 लाख 89 हजार रुपए जब्त किया गया। भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा, डॉलर, बरामद की गई।

योगेश दुआ का भाई आदित्य दुआ भी इस धोखाधड़ी का एक और मुखिया है। बताया जा रहा है कि उसकी भी तलाश जारी है। बताया गया है कि आदित्य दुआ के नाम से एक पॉलिसी बांड पेपर मिला है। विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर आधार कार्ड भी पाए गए हैं। वे असली हैं या नकली, इसकी जांच की जा रही है।

इससे पहले पुलिस ने जांच की और इस रैकेट के मुख्य संचालक के रूप में चिराग नाम के व्यक्ति की पहचान की थी।

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उसे 9 जनवरी को बैंगलोर से गिरफ्तार किया गया था। उसके एक सहयोगी ओंकार सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। जांच में योगेश दुआ और आदित्य दुआ का नाम सामने आया है।

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